जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला प्रखंड कार्यालय में गुरुवार को अनोखा नजारा देखने को मिला. जब एक कैंसर पीड़ित धरने पर बैठ गया. आयुष्मान कार्ड बनाने की मांग को लेकर दुर्योधन गोराई हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गया. इसके कारण प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बना गया है. धरना देने वाले व्यक्ति का हाथों में एक तख्ती थी जिसमें मैं जिंदा रहना चाहता हूं सर, मेरा डॉक्यूमेंट बना दीजिए लिखी थी. उसका कहना था कि वह कैंसर पीड़ित है और आयुष्मान कार्ड नहीं बनने के कारण इलाज में परेशानी हो रही है. कागजातों में गड़बड़ी के कारण आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है. उसने बताया कि आधार कार्ड में मेरा नाम दुर्योधन गोराई अंकित है जबकि राशन कार्ड में मेरा नाम सुदर्शन गोराई अंकित है. दोनों में नाम अलग होने के कारण मेरा आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है. इससे इलाज कराने में परेशानी हो रही है.
कई दिनों तक काटा सरकारी ऑफिसों का चक्कर
दुर्योधन गोराई ने बताया कि दस्तावेज में नाम सुधारने के लिए वह महीनों से सरकारी ऑफिसों का चक्कर काट रहा है. लेकिन अधिकारी उसकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहे है. इसी कारण मजबूरी में मुझे धरने पर बैठना पड़ा. कैंसर का इलाज कराते-कराते मेरी आर्थिक स्थित दयनीय हो गई है. आयुष्मान कार्ड बनता तो मुफ्त में इलाज होता लेकिन कार्ड भी नहीं बन रहा है. इधर, कैंसर पीड़ित के धरने पर बैठने की सूचना पर
प्रशासन रेस हो गई. प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आयुष्मान कार्ड बनाने का आश्वासन दिया. इसके बाद भी वह धरने से उठने से तैयार नहीं हुए. पदाधिकारी कौशल किशोर ने बताया कि पीड़ित का आवेदन जिला में भेज दिया गया है. नाम सुधार का कार्य आपूर्ति विभाग के स्तर पर संभव नहीं है और यह प्रक्रिया एनआईसी के माध्यम से ही पूरी होगी.
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कैंसर से लड़ रहा जंग लेकिन सिस्टम करा रहा संघर्ष, आयुष्मान कार्ड के लिए मरीज धरने पर बैठा
