Jharkhand

जिस पार्टी को परिवार समझा....जमशेदपुर डीडी वारदात में घायल प्रत्युष आनंद के पिता का छलका दर्द, भाजपा पर लगाए ये आरोप

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):जमशेदपुर के बिष्टुपुर में 27 जून की रात डबल डाउन बार में हुई वारदात में एक तरफ जहां हिमांशु सिंह की मौत के बाद पूरे जमशेदपुर में उबाल देखा गया, वहीं दूसरी तरफ इसी बार वारदात में घायल प्रत्युष आनंद की हालत अब भी काफी गंभीर बनी हुई है. उनका कोलकाता के अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा है.डॉक्टरों के मुताबिक, उन पर चापड़ से 22 बार हमला किया गया, जिससे उनके कई अंग, जैसे किडनी और फेफड़ा, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए है.बताया जा रहा है कि उनका एक फेफड़ा पूरी तरह से डैमेज हो चुका है, वह फिलहाल एक ही फेफड़े के सहारे सांस ले रहे है. उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. वहीं दूसरी तरफ इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री ने भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है. हालांकि, इस पूरे मामले में अब प्रत्युष आनंद के पिता चंदन सिंह ने भाजपा पर नाराजगी जताई है.

 घायल प्रत्युष आनंद के पिता का छलका दर्द

प्रत्युष आनंद के पिता और बिल्डर चंदन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखी है. इस पूरे मामले में प्रत्युष आनंद पर हुए चापड़ से हमले को लेकर उन्होंने भाजपा पर चुप्पी साधने और मामले को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है.चंदन सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने बीजेपी को अपना परिवार समझा, पार्टी की सदस्यता ली और संगठन को अपना परिवार मानकर कई वर्षों से तन, मन और धन से पार्टी की सेवा की. चाहे चुनाव हो, संगठन के कार्यक्रम हों या फिर जनहित का कोई भी अभियान, उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं लेकिन आज जब उनका परिवार मुश्किल में है, तब बीजेपी के किसी भी बड़े या छोटे नेता या पदाधिकारी ने उनका हाल-चाल तक नहीं पूछा. यह बात उन्हें काफी आहत कर रही है.

भाजपा पर लगाए ये आरोप

अपने पोस्ट में उन्होंने खुलकर कहा है कि 27 जून की रात डबल डाउन बार में जो कुछ भी हुआ, वह पुलिस के सामने हुआ.बड़े दुख की बात है कि हिमांशु सिंह की मौत हो चुकी है और इस बात का दुख उन्हें भी है, लेकिन दूसरी तरफ प्रत्युष आनंद जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है. पूरा परिवार कोलकाता में शहर से बाहर भटक रहा है, लेकिन बीजेपी के किसी भी वरिष्ठ नेता या पदाधिकारी का फोन तक नहीं आया. यह बात उन्हें काफी झकझोर रही है. किसी ने सांत्वना के दो शब्द भी नहीं कहे.उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी का कार्यकर्ता सिर्फ तब तक ही होता है, जब तक वह पार्टी के लिए काम करता रहे? यदि उसके जीवन में कोई मुश्किल घड़ी आती है, तो क्या पार्टी उसे ऐसे ही छोड़ देती है.

पोस्ट का मकसद राजनीतिक लाभ या सहानुभूति हासिल नहीं 

हालांकि, इस पोस्ट में चंदन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी तरह का राजनीतिक लाभ या सहानुभूति हासिल नहीं करना चाहते लेकिन एक घायल बेटे के पिता होने के नाते, जिसका बेटा जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है, उन्हें यह देखकर काफी दुख हो रहा है कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने अपना कीमती समय दिया और जिसे हमेशा सर्वोपरि रखा, वही पार्टी आज उनके बुरे समय में उनके साथ नहीं खड़ी है. साथ ही चंदन सिंह ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यही है कि प्रत्युष आनंद सही-सलामत घर लौट आए.उन्होंने ईश्वर से उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना की है और लिखा है कि संकट की इस घड़ी में उन्होंने अपनों की सच्ची पहचान महसूस की है.

पोस्ट के बाद आएगा बीजेपी नेता का कॉल या मैसेज ? 

अब देखने वाली बात होगी कि चंदन सिंह के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बीजेपी का कोई बड़ा नेता या पदाधिकारी उनसे फोन पर संपर्क करता है, मेसेज भेजता है या फिर उनसे मुलाकात करता है या नहीं. दरअसल, जिस तरीके से हिमांशु सिंह हत्याकांड को हाईलाइट किया गया और उनके समर्थन में पूरे जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया, उसे देखते हुए अब प्रत्युष आनंद को पूरी तरह से नजरअंदाज करने का आरोप प्रत्यूष के परिजन लगा रहे है.