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Jharkhand

बारामुड़ी खटाल के बहाने नेताओं के मन में वर्षों -वर्ष से जमी "मैल " कैसे निकल रही, ढुल्लू महतो ने JLKM पर यह क्या कह दिया?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  बारामुड़ी  खटाल के बहाने धनबाद के बड़े-बड़े नेताओं के मन में वर्षों -वर्ष से जमी "मैल " कटु शब्दों के रूप में बाहर निकल रही है.  ऐसा लगता है कि बारामुड़ी  खटाल तो एक बहाना है, असली मकसद एक दूसरे को गरियाना है.  सोमवार को धनबाद में कुछ ऐसा ही दिखा।  सांसद ढुल्लू महतो  जब खटाल मुद्दे पर उपायुक्त से मिलकर बाहर आए, तो कहा कि खटाल नहीं हटेगा, इसकी 100% गारंटी उनकी है.  लेकिन उसके बाद उन्होंने एक साथ कई नेताओं को लपेटे में ले लिया।  इसमें धनबाद के माफिया, कांग्रेस नेता, विधायक जयराम महतो सहित अन्य शामिल रहे.  उन्होंने जयराम महतो की पार्टी को "कु--- "तक कह दिया। 

विवाद में कैसे JLKM को भी निशाने पर ले लिया ?

दिलचस्प बात यह है कि इस सियासी घमासान में JLKM का नाम भी खींचा जा रहा है, जबकि पार्टी के नेता मौके पर नजर नहीं आ रहे है. 
दरअसल, बारामुड़ी खटाल में कार्रवाई की खबर के बाद धनबाद के सांसद ढुल्लू  महतो और विधायक राज सिन्हा समेत भाजपा के नेता मौके पर पहुंचे थे. कोंग्रस के जिला अध्यक्ष भी गए थे. सब एक दूसरे के खिलाफ आग उगला था. यहां सांसद ने साफ शब्दों में कहा था कि चाहे कुछ भी हो जाए, बारामुड़ी खटाल को उजड़ने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने लोगों को भरोसा देते हुए कहा था कि अगर यहां बुलडोजर चलाने की नौबत आती है, तो उन्हें फोन किया जाए. वह महज 15 मिनट में मौके पर पहुंच जाएंगे.व इस मुद्दे पर डीसी से मुलाकात करेंगें।  

सांसद ढुल्लू महतो डीसी से मिलाने के बाद क्या कह दिया ?

सांसद ढुलू महतो सोमवार को समाहरणालय पहुंचे और उपायुक्त से मुलाकात की. मुलाकात के बाद जब वह मीडिया से रूबरू हुए, तो उनके निशाने पर झामुमो और राज्य सरकार आ गई. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया.लेकिन असली सियासी गर्मी तब बढ़ी, जब मीडिया ने उनसे JLKM को लेकर सवाल पूछ लिया. इसके जवाब में सांसद ने JLKM के नेताओं पर बेहद तीखी  टिप्पणी कर दी . उनके बयान के बाद धनबाद की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है.अब सवाल यह है कि बारामुड़ी खटाल के मुद्दे पर नेताओं की यह लड़ाई गरीब परिवारों को राहत दिलाने तक सीमित रहेगी या फिर आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और बढ़ेगा?  फिलहाल, खटाल की जमीन पर सुनवाई की तिथि 19 तक तो बढ़ गई है.  लेकिन नेताओं के बयानों की चर्चा हो रही है.

रिपोर्ट -प्रकाश महतो