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Jharkhand

निशा भगत केस: सांसद मनीष जायसवाल ने कहा जाते जाते समाज की आँख खोल गई शेरनी,निष्पक्ष जांच की उठाई मांग   

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

 

हजारीबाग:सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड की आदिवासी नेत्री निशा भगत की आत्महत्या, सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े बयान और राज्य सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. तीनों मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए सांसद ने राज्य सरकार और कांग्रेस पर निशाना साधा तथा कई गंभीर सवाल उठाए.

आदिवासी नेत्री निशा भगत की आत्महत्या पर गहरा दुख जताते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि निशा भगत जाते-जाते समाज की आंखें खोल गईं. वह एक लोकप्रिय आदिवासी नेत्री थीं और लगातार आदिवासी समाज के अधिकार, संस्कृति, परंपरा और अस्मिता की आवाज उठा रही थीं. सांसद ने आरोप लगाया कि झारखंड में आदिवासियों का दोहन और शोषण बढ़ रहा है तथा धर्म परिवर्तन की गतिविधियों में भी तेजी आई है. उन्होंने राज्य सरकार से निशा भगत की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें.

वहीं, सोनिया गांधी के ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' में प्रकाशित इंटरव्यू को लेकर भी सांसद ने कांग्रेस पर हमला बोला. इंटरव्यू में वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को टेलीविजन पर देखकर रो पड़ने की बात कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मनीष जायसवाल ने कहा कि सोनिया गांधी का यह बयान भारत के हिंदुओं की आंखें खोलने वाला है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति एक विशेष वर्ग तक सीमित दिखाई देती है और उसे हिंदुओं के साथ हो रहे कथित शोषण पर ध्यान देना चाहिए.

इसके अलावा मंत्री इरफान अंसारी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को लेकर दिए गए बयान पर सांसद ने कड़ा एतराज जताया. इरफान अंसारी ने चेतावनी दी थी कि प्रधानमंत्री समय रहते सचेत नहीं हुए तो देश में आपातकाल जैसे हालात बन सकते हैं और भारत की स्थिति नेपाल तथा बांग्लादेश से भी बदतर हो सकती है. इस पर मनीष जायसवाल ने कहा कि देशभक्ति के सामने 40 लाख का आंकड़ा कुछ भी नहीं है. उन्होंने मंत्री के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.

रिपोर्ट: शशांक शेखर सिंह