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Jharkhand

हजारीबाग में 56,806 लोगों के नाम राशन कार्ड से हटे, अब 40 रुपए किलो की दर से होगी चावल की वसूली

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

हजारीबाग(Hazaribagh):  गरीब परिवारों के लिए मिलने वाले सरकारी राशन का गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर खाद्य आपूर्ति विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. जांच के बाद जिले में 56,806 ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जो नियम के अनुसार राशन योजना का लाभ लेने के हकदार नहीं थे. इन सभी के नाम राशन कार्ड से हटा दिए गए हैं.

अब विभाग ऐसे लोगों को नोटिस भेज रहा है. इसके बाद पहले लिए गए राशन की कीमत भी वसूलने की तैयारी है.

गाड़ी, जमीन और आय की जांच में खुला मामला

विभाग की जांच में कई ऐसे राशन कार्डधारी मिले, जो GST या इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं. कुछ लोगों के पास चार पहिया वाहन हैं, जबकि कुछ पांच एकड़ से ज्यादा जमीन के मालिक पाए गए. सरकारी मानकों के अनुसार इन श्रेणियों में आने वाले लोग गरीब परिवारों के लिए चलाई जा रही राशन योजना के पात्र नहीं माने जाते हैं.

जांच में अपात्र पाए जाने के बाद इनके नाम कार्ड से हटा दिए गए हैं.

जिले में 15.90 लाख से ज्यादा लोग ले रहे राशन

हजारीबाग जिले में अलग-अलग राशन कार्ड के जरिए करीब 15.90 लाख सदस्यों को खाद्यान्न मिल रहा है. इनमें PHH कार्ड के 12,35,151 सदस्य शामिल हैं. वहीं अंत्योदय अन्न योजना के तहत 2,22,030 और ग्रीन कार्ड के जरिए 1,33,083 सदस्य राशन ले रहे हैं.

विभाग का कहना है कि योजना का लाभ सही और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से कार्डों की जांच की जा रही है.

KYC से पकड़े जाएंगे और अपात्र लाभुक

राशन कार्डधारियों के लिए KYC पर भी जोर दिया जा रहा है. KYC के जरिए लाभुकों और उनके परिवार से जुड़ी जानकारी की जांच करने में मदद मिलेगी. विभाग अभी भी अपात्र लोगों की पहचान कर रहा है. ऐसे में आगे और नाम राशन कार्ड से हटाए जा सकते हैं.

40 रुपए किलो की दर से चावल की होगी वसूली

जिला खाद्य पदाधिकारी मुरली यादव के मुताबिक, 56,806 अपात्र लोगों के नाम हटाए जा चुके हैं और उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है.

नोटिस के बाद पहले लिए गए खाद्यान्न की कीमत वसूली जाएगी. विभागीय जानकारी के अनुसार चावल के लिए करीब 40 रुपए प्रति किलो की दर से राशि तय की जाएगी. अन्य खाद्यान्न की वसूली भी उसकी निर्धारित कीमत के आधार पर होगी. इस कार्रवाई के बाद गलत तरीके से सरकारी राशन लेने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.