हजारीबाग (HAZARIBAGH): वन भूमि, सरकारी जमीन और गैरमजरुआ खास किस्म की जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री और गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी कि ACB ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी की विशेष छापामारी टीम ने तीन कथित जमीन विक्रेताओं को गिरफ्तार किया. न्यायालय में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. एसीबी के मुताबिक, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25 के तहत की गई है. मामले में 25 सितंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(d) के साथ IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज है.
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और स्थानीय भू-माफियाओं के बीच कथित मिलीभगत की जांच की जा रही है. आरोप है कि सरकारी और वन भूमि समेत गैरमजरुआ खास किस्म की जमीन को नियमों के विपरीत हासिल कर उसकी बिक्री की गई और बाद में रिकॉर्ड में गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराया गया. जांच आगे बढ़ने के साथ सरकारी अधिकारियों के अलावा जमीन के खरीदार और विक्रेताओं की भूमिका भी सामने आई. एसीबी का कहना है कि इस मामले में पहले भी तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत कई सरकारी पदाधिकारियों, कथित भू-माफियाओं, खरीदारों और विक्रेताओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.
एसीबी की विशेष टीम ने मंगलवार को न्यायखाप टोला, मुकुंदगंज निवासी तीन लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में 68 वर्षीय विशेश्वर प्रजापति, 62 वर्षीय शंकर प्रजापति और 61 वर्षीय रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद शामिल हैं. तीनों के पिता का नाम क्रमशः स्वर्गीय महावीर प्रजापति, स्वर्गीय महावीर प्रजापति और स्वर्गीय रमेश्वर साव बताया गया है. सभी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के न्यायखाप टोला मुकुंदगंज के रहने वाले हैं. गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. एसीबी की जांच केवल जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है. सरकारी दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़, गलत तरीके से दाखिल-खारिज और जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव की भूमिका भी जांच के दायरे में है. अधिकारियों और जमीन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बाद एसीबी इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है. तीन नए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है.
