हजारीबाग (HAZARIBAGH): शहर में जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच अब भू-माफिया की नजर सरकारी जमीनों पर भी पड़ गई है. हजारीबाग के पीटीसी चौक के पास स्थित पुलिस विभाग की बेशकीमती जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है. करीब 20 एकड़ में फैली इस जमीन के लगभग छह एकड़ हिस्से पर अतिक्रमण किए जाने की बात सामने आई है. हैरानी की बात यह है कि जमीन पर कब्जा करने के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतें भी खड़ी कर दी गई हैं. मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर प्रखंड प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.
पीटीसी चौक के पास स्थित यह जमीन कभी पुलिस के घोड़ों को दफनाने के लिए इस्तेमाल होती थी. समय के साथ शहर का विस्तार हुआ और इस इलाके की जमीन की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच गई. इसी के बाद भू-माफिया की नजर पुलिस विभाग की जमीन पर पड़ गई. आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसे बेचने का सिलसिला शुरू किया गया.
जानकारी के मुताबिक, पुलिस विभाग की करीब तीन एकड़ जमीन अलग-अलग लोगों को बेचे जाने का मामला भी सामने आया है. वहीं, एक स्कूल पर भी दो से तीन एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप है. जमीन पर लगातार हो रहे अतिक्रमण के बावजूद लंबे समय तक इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का फायदा कथित तौर पर भू-माफिया उठाते रहे.
ऐसे में मामले की शिकायत उपायुक्त हेमंत सती और सदर प्रखंड के सीओ आशुतोष तक पहुंची. इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की. शुरुआती जांच में पुलिस विभाग की जमीन के बड़े हिस्से पर अतिक्रमण और अवैध कब्जे की बात सामने आई. जमीन पर बहुमंजिला भवन बनाए जाने की जानकारी भी मिली है. सीओ ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा है. प्रशासन अब जमीन के स्वामित्व और कब्जे से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. जांच पूरी होने के बाद सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
साथ ही सीओ आशुतोष ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जमीन की खरीदारी से पहले उसके स्वामित्व और दस्तावेजों की आधिकारिक स्तर पर जांच जरूर कराएं. इससे फर्जी कागजात के जरिए जमीन बेचने और सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के मामलों से बचा जा सकता है. ऐसे में सीओ के अनुसार, पीटीसी चौक के पास पुलिस विभाग की करीब 20 एकड़ जमीन है, जिसमें लगभग छह एकड़ पर अतिक्रमण की बात सामने आई है. इस जमीन पर बहुमंजिला भवन भी बनाए गए हैं. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
