Jharkhand

हजारीबाग राशन स्कैम: पीडीएस में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, 2252 लोग दो राज्यों से ले रहे थे राशन

Rashmi Prasad CE
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हजारीबाग राशन स्कैम: पीडीएस में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, 2252 लोग दो राज्यों से ले रहे थे राशन

हजारीबाग(HAZARIBAGH): झारखंड में चल रहे फर्जी राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है जिसके तहत आप अगर राशन गलत तरीके से उठा रहे है तो अब आपको सतर्क होने की जरूरत है क्योंकि हजारीबाग से बड़ा खुलसा हुआ है जहां आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी अभियान ने जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में वर्षों से चल रही अनियमितताओं का पर्दाफाश किया है. दरअसल, जांच में सामने आया कि 2252 ऐसे कार्डधारक थे जो झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी सरकारी अनाज प्राप्त कर रहे थे. इसके अलावा 10,003 मृत व्यक्तियों के नाम पर भी लंबे समय से राशन का उठाव दर्ज था. वहीं, 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले 4,735 परिवार और चारपहिया वाहन रखने वाले 853 कार्डधारक भी योजना की पात्रता से बाहर पाए गए. इन सभी को सूची से हटाते हुए जिले में 50 हजार से अधिक राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं.

जांच के दौरान सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि कई लोग दो राज्यों की पीडीएस प्रणाली में एक साथ पंजीकृत थे और दोनों जगह से राशन ले रहे थे. आधार नंबर के राष्ट्रीय स्तर पर मिलान से ऐसे मामलों का अपने आप ही पता चल गया. कुछ परिवारों के सदस्य अलग-अलग राज्यों में रहकर दोनों स्थानों से खाद्यान्न प्राप्त कर रहे थे. इसके अलावा हजारों ऐसे नाम भी रिकॉर्ड में पाए गए जिनकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम पर अब तक राशन का उठाव जारी था. सत्यापन के बाद इन सभी प्रविष्टियों को सूची से हटा दिया गया.

जिला प्रशासन ने बताया कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवार भी इस योजना का लाभ ले रहे थे, जो नियमों के विरुद्ध है. ई-केवाईसी और आधार सत्यापन के बाद सभी अपात्र कार्डों को निरस्त कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से अब पीडीएस प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सरकारी अनाज पहुंचेगा. इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा की आने वाले समय में भी यह सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके.