Jharkhand

हजारीबाग: ACB का एक्शन! ड्राफ्टमैन कृष्णा सिंह गिरफ्तार, जानिए क्या है मामला

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
Copy Editor

हजारीबाग(HAZARIBAGH): एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) हजारीबाग की टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए ड्राफ्टमैन कृष्णा सिंह को गिरफ्तार कर लिया. कृष्णा सिंह के खिलाफ ACB के हजारीबाग कांड संख्या 02/18 में अदालत से गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. वारंट जारी होने के बाद से ही ACB की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी. बुधवार को टीम पहले कृष्णा सिंह के घर पहुंची, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला. इसके बाद अधिकारियों ने उसकी संभावित मौजूदगी वाले स्थानों की जानकारी जुटाई. इसी दौरान टीम को पता चला कि कृष्णा सिंह हजारीबाग स्थित सेटलमेंट कार्यालय में मौजूद है. इसके बाद ACB की टीम सेटलमेंट कार्यालय पहुंची और परिसर से ही उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट का विधिवत निष्पादन किया गया.

ACB हजारीबाग के एसपी आसिफ इकराम के अनुसार, कृष्णा सिंह प्रयाग सिंह का पुत्र है और उसकी गिरफ्तारी अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित मामले की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और कृष्णा सिंह के खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. चार्जशीट दाखिल होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर-जमानती वारंट प्राप्त किया गया था. ACB की टीम लंबे समय से वारंट के निष्पादन के लिए उसकी तलाश कर रही थी. बुधवार को मिली जानकारी के आधार पर टीम ने सेटलमेंट कार्यालय में कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया. ACB की इस कार्रवाई के बाद हजारीबाग के सरकारी कार्यालयों में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम कृष्णा सिंह को न्यायालय के समक्ष पेश करेगी, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. कोर्ट के आदेश के आधार पर उसके आगे के हिरासत संबंधी निर्णय लिए जाएंगे. ACB ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में गिरफ्तारी अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के निष्पादन के तहत हुई है. भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ACB की कार्रवाई लगातार जारी है और इस मामले में जांच पूरी कर चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है. अब न्यायालय में पेशी के बाद आगे की कार्रवाई होगी. कृष्णा सिंह की सेटलमेंट कार्यालय परिसर से गिरफ्तारी के बाद सरकारी विभागों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी हुई है.