हजारीबाग (HAZARIBAGH): जगह जगह पर दबंगों कि दबंगई कुछ इस कदर बढ़ चुकी है कि यह कभी भी सड़क पर दौड़ती गाड़ी को बीच रास्ते रोक लेते हैं, चालक को बाहर घसीटकर बेरहमी से पीटते हैं, यहाँ तक कि कनपटी पर पिस्तौल सटाकर जान लेने की कोशिश भी करते हैं और बाद में नकदी व सोने की चेन लूट कर भाग निकलते हैं. यह किसी फिल्म कि कहानी नहीं बल्कि हकीकत है. दरअसल हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र से यह मामला सामने आया है जहां आरोप एक पंचायत के मौजूदा मुखिया के बेटे और उसके साथियों पर लगा है. पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.
पीड़ित राज कुमार, जो कंडाबेर गांव के रहने वाले हैं और बोलेरो वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने केरेडारी थाना में दिए आवेदन में बताया कि रात करीब 9:45 बजे वह बुकिंग पूरी कर घर लौट रहे थे. इसी दौरान पतरा मोड़ के पास पीछे से आई एक सफेद बोलेरो (JH02BS 3421) ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर जबरन रोक लिया.
आरोप है कि गाड़ी से उतरे छह लोगों में से तीन ने राज कुमार को वाहन से खींचकर बाहर निकाला. इनमें कंडाबेर पंचायत के मुखिया दिनेश साव के बेटे आनंद कुमार, शमीम कुमार और राहुल कुमार शामिल बताए गए हैं. पीड़ित का आरोप है कि तीनों ने लाठी-डंडों से उसकी जमकर पिटाई की, जिससे सिर, माथे और पीठ पर गंभीर चोटें आईं. इसी दौरान आनंद कुमार ने कमर से पिस्तौल निकालकर उनकी कनपटी पर तान दी. सौभाग्य से गोली नहीं चली, जिससे उनकी जान बच गई.
पीड़ित ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के बाद उसके पास मौजूद 10 हजार रुपये नकद और गले से सोने की चेन भी छीन ली. जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे और उसकी गाड़ी को आग लगा देंगे.घटना के बाद किसी तरह जान बचाकर निकले राज कुमार ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे. पीड़ित का कहना है कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं और उन्हें व उनके परिवार को लगातार जान का खतरा बना हुआ है. केरेडारी थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
