Jharkhand

97 करोड़ की लागत से बन रही हाई सिक्योरिटी जेल, आरोपियों के लिए 3 लेयर सुरक्षा और CCTV से होगी निगरानी

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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हजारीबाग (HAZARIBAGH): जिले में करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही हाई सिक्योरिटी जेल अब अपने निर्माण के अंतिम दौर में पहुंच गई है. लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा परिसर में करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अत्याधुनिक जेल का निर्माण कराया जा रहा है. यहां राज्य के कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों, नक्सलियों, उग्रवादियों और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संवेदनशील बंदियों को रखने की योजना है. जानकारी के मुताबिक, हाई सिक्योरिटी जेल में कुल 238 बंदियों को रखने की क्षमता होगी. परिसर में दो मंजिला सात सेल भवन बनाए जा रहे हैं. प्रत्येक भवन में 34 बंदियों के रहने की व्यवस्था होगी. इसके अलावा 25 बंदियों की क्षमता वाला एक अलग वार्ड भी तैयार किया जा रहा है.

हाई सिक्योरिटी जेल की सबसे खास बात इसकी सुरक्षा व्यवस्था होगी. पूरे परिसर में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा रही है. इसके लिए संत्री टावर और चारों दिशाओं में वॉच टावर बनाए जा रहे हैं. जेल परिसर में हाई रेजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाए जाएंगे. साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इसका मकसद जेल के भीतर होने वाली हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है.

जेल में बंदियों की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए अस्पताल का भी निर्माण कराया जा रहा है. इसके अलावा प्रशासनिक भवन और जेल कर्मचारियों के लिए स्टाफ क्वार्टर भी बनाए जा रहे हैं. निर्माण पूरा होने के बाद राज्य की अलग-अलग जेलों में बंद संवेदनशील और कुख्यात कैदियों को यहां शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. हाई सिक्योरिटी जेल को ऐसे बंदियों को रखने के लिए अहम माना जा रहा है, जिनसे सामान्य जेलों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं.

निर्माण एजेंसी ने जेल का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. अगर काम तय समय के मुताबिक पूरा हुआ तो जनवरी से हाई सिक्योरिटी जेल को सक्रिय किए जाने की तैयारी है. लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा के अधीक्षक चंद्र शेखर प्रसाद सुमन के अनुसार, निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है. उन्होंने बताया कि निर्माण में गुणवत्ता के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. जेल का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की कोशिश की जा रही है.