Jharkhand

सड़क की मांग पर हिंडाल्को के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन, बॉक्साइट ट्रक रोकने की दी चेतावनी

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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गुमला (GUMLA): जिले के घाघरा क्षेत्र में सड़क निर्माण समेत विभिन्न मांगों को लेकर हिंडाल्को के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा. आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए अंचलाधिकारी खाखा सुशील कुमार, हिंडाल्को के मैनेजर अखिलेश्वर सिन्हा और एसआई विकास कुमार आंदोलन स्थल पहुंचे. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा. अधिकारियों और पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलते ही आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गई. बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने उपायुक्त और हिंडाल्को के जीएम के सामने पहले रखी गई मांगों को दोहराया. उनका कहना था कि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन समय बीतने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ.

वार्ता के दौरान हिंडाल्को के मैनेजर ने ग्रामीणों से कहा कि पक्की सड़क का निर्माण संभव नहीं है और पहले की तरह मिट्टी-मोरम की सड़क बनाई जा सकती है. यह सुनते ही आंदोलनकारी नाराज हो गए. ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि वार्ता के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू होगा, लेकिन कंपनी फिर पुराने तरीके से सड़क बनाने की बात कर रही है. इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ आंदोलनकारियों ने मैनेजर को धक्का देकर आंदोलन स्थल से बाहर कर दिया. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा.

आंदोलनकारियों ने ‘सड़क बनाओ, नहीं तो सड़क छोड़ो’ का नारा देते हुए कहा कि सड़क का इस्तेमाल बॉक्साइट ढोने वाले भारी वाहनों के लिए किया जा रहा है, इसलिए कंपनी को इसका निर्माण कराना होगा. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि सड़क बनने तक बॉक्साइट ट्रकों का परिचालन नहीं होने दिया जाएगा. उनका आरोप है कि इलाके में लंबे समय से खनन होने के बावजूद सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है. ग्रामीणों ने करमा पर्व के बाद हिंडाल्को कार्यालय में तालाबंदी की भी चेतावनी दी है.

रिपोर्ट- सुशील कुमार