गुमला (GUMLA): झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है जहां गुमला जिले के चैनपुर थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर शैलेश कुमार को रिश्वत मामले में जमानत दे दी है. गुरुवार को जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें नियमित जमानत प्रदान करने का आदेश दिया. इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया. हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब निर्धारित शर्तें पूरी करने पर उन्हें जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.
आपको बता दें, यह मामला 21 जनवरी का है, जब ACB ने गुमला जिले के चैनपुर थाना में तैनात तत्कालीन थाना प्रभारी शैलेश कुमार को कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. एसीबी को शिकायत मिली थी कि एक मामले में कार्रवाई के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है. शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
गिरफ्तारी के बाद शैलेश कुमार ने पहले एसीबी की विशेष अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की. गुरुवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए कुछ शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली. हालांकि, मामले की सुनवाई अभी जारी है और रिश्वत लेने के आरोपों की जांच तथा ट्रायल कानून के अनुसार आगे भी चलता रहेगा.
