Jharkhand

गुमला: आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं का धरना प्रदर्शन, समान काम के बदले समान वेतन की उठी मांग

Rashmi Prasad
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गुमला (GUMLA): जिले के समाहरणालय परिसर में सोमवार को आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंची सेविका-सहायिकाओं ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए लंबे समय से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की. प्रदर्शन के दौरान समान काम के बदले समान वेतन, मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगें प्रमुखता से उठाई गईं. संघ की प्रदेश अध्यक्ष रीमा देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका गांव-गांव तक सरकार की योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.

बता दें, आंदोलन में शामिल सेविका-सहायिकाओं ने कहा कि बच्चों की देखभाल और पोषण संबंधी कार्यों के अलावा अभिलेख तैयार करने, सर्वेक्षण करने, सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और विभिन्न अभियानों में भाग लेने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी जाती है. उनका आरोप है कि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इसके बदले अतिरिक्त मानदेय या अन्य आर्थिक लाभ नहीं मिलता. संघ की जिलाध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद कर्मियों को भविष्य की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है. उन्होंने सरकार से नियमित वेतन, सम्मानजनक मानदेय, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की. वहीं संघ की पदाधिकारी फूलमती देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों और महिलाओं के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का आधार हैं.

सेविका-सहायिकाओं ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ सरकारी योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने का काम करती हैं, इसलिए उनके आर्थिक और सामाजिक हितों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए. प्रदर्शन के दौरान संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा. धरना-प्रदर्शन के जरिए सेविका-सहायिकाओं ने सरकार को अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया. अब उनकी नजर सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है.

रिपोर्ट- सुशील कुमार सिंह