Jharkhand

तालाब में तब्दील हुआ गुमला का डीएसपी रोड, व्यवस्था पर उठे सवाल

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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गुमला (GUMLA): जिले में बुधवार को सुबह से हो रही बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है, लेकिन सबसे खराब तस्वीर डीएसपी रोड की सामने आई है. वीआईपी इलाका माने जाने वाले इस सड़क पर बारिश के बाद करीब 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी सड़क पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्थित है, जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ने आते हैं. स्कूल के बाहर जलजमाव के कारण बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और कई स्थानों पर नालियों के टूटे स्लैब भी हादसे का खतरा बने हुए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में हर साल यही स्थिति सामने आती है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अजय किशोर नाथ पांडे ने कहा कि डीएसपी रोड की समस्या वर्षों पुरानी है. उनका कहना है कि एक तरफ सिस्टम आधुनिक व्यवस्था और विकास के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन बारिश होते ही सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है. यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 143 को शहर के दूसरे प्रमुख मार्गों से जोड़ती है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. इसके बावजूद सड़क की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क को बेहतर बनाने के नाम पर पहले भी बड़ी राशि खर्च की गई, लेकिन बारिश के समय हालात फिर वैसे ही हो जाते हैं. भाजपा जिलाध्यक्ष सागर उरांव ने भी इस समस्या को लेकर कई बार सवाल उठाए जाने की बात कही. उन्होंने बताया कि नगर परिषद के माध्यम से सड़क सुधार के लिए फंड उपलब्ध कराए जाने की जानकारी मिली है, लेकिन लोगों का सवाल है कि पहले खर्च हुई राशि के बावजूद स्थिति क्यों नहीं बदली.

वहीं, भाजपा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत और विधायक कमलेश उरांव ने भी सड़क की बदहाली को लेकर सरकार और स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से समस्या सामने होने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया. हालांकि, इन नेताओं के आरोप राजनीतिक दावे हैं और संबंधित पक्ष का जवाब इस बयान में उपलब्ध नहीं है. फिलहाल बारिश के कारण डीएसपी रोड पर जलजमाव ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सबसे ज्यादा परेशानी पैदल चलने वाले लोगों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को हो रही है. सड़क पर बने गड्ढे पानी में दिखाई नहीं देने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है. स्थानीय लोगों की मांग है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था के साथ सड़क की मरम्मत कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

रिपोर्ट- सुशील कुमार सिंह