गुमला (GUMLA): जिले से हाथियों के कहर से जुड़ी खबर सामने आ रही है जहां कामडारा थाना क्षेत्र के बुरुहातु गांव में हाथी के झुंड के हमले में 40 वर्षीय ग्रामीण निकोलस तोपनो की दर्दनाक मौत हो गई. घटना सुकरा टांड़ में हुई. मृतक निकोलस हाथियों के झुंड को भगाने के लिए ग्रामीणो व वन विभाग के साथ निकले थे. इसी दौरान एक हाथी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. हाथी ने निकोलस को सूंड़ में लपेटा और करीब आधा किलोमीटर दूर तक घसीटकर ले गया व कुचलकर मौत के घाट उतार दिया निकोलस के शव को जंगली हाथियों ने कुचलकर क्षत विक्षत ओर दिया.
घटना की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया. मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. हाथियों के झुंड की मौजूदगी से आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई है. ज्ञात होगी पिछले चार-पांच दिनों से 23 जंगली हाथियों का झुंड कैमरा प्रखंड के इलाके में घूम रहा है और किसानों के घर व फसल को नुकसान पहुंचा रहा है वहीं वन विभाग हाथियों को भागने में नाकाम दिखाई दे रही है जिससे ग्रामीणों में गुस्सा देखा जा रहा है.
इधर, ग्रामीण की मौत के बाद बुरुहातु और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. हाथियों के झुंड की मौजूदगी से लोग अपने घरों और खेतों को लेकर चिंतित हैं. ग्रामीणों के अनुसार, पिछले चार-पांच दिनों से करीब 23 जंगली हाथियों का झुंड कामडारा प्रखंड के अलग-अलग इलाकों में घूम रहा है. इस दौरान हाथियों ने कई किसानों के घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया है. हाथियों के गांवों के आसपास पहुंचने से लोगों को अपनी जान-माल की सुरक्षा की चिंता सता रही है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों को भगाने के प्रयास के दौरान इस तरह की घटना होना बेहद दुखद है. निकोलस की मौत से गांव में शोक के साथ-साथ नाराजगी भी देखी जा रही है.
ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी गुस्सा है. उनका आरोप है कि पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड क्षेत्र में घूम रहा है, लेकिन उन्हें सुरक्षित तरीके से भगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. हाथियों के कारण किसानों की फसल और घरों को नुकसान पहुंचने के साथ अब लोगों की जान पर भी खतरा मंडराने लगा है. ग्रामीणों ने हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है. ऐसे में अब देखना होगा की इस घटना को लेकर वन विभाग क्या करती है.
रिपोर्ट- सुशील कुमार सिंह
