गुमला(GUMLA): लोगों का सालों पुराना इंतजार अब खत्म होने वाला है. शहर में लंबे समय से बन रही बाईपास सड़क का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. सड़क का एक हिस्सा और कुछ काम बाकी था, जिसे भी पूरा कर लिया गया है. अब जल्द ही इस सड़क को आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है. इसके चालू होने से गुमला शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.
15 साल तक चलता रहा इंतजार
गुमला में बाईपास सड़क बनाने की मांग झारखंड गठन के बाद से ही उठ रही थी. साल 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के कार्यकाल में इसके निर्माण की पहल हुई और शिलान्यास भी किया गया, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ पाया. इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में दोबारा इस सड़क के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई. हालांकि, काम की रफ्तार इतनी धीमी रही कि करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क को पूरा होने में लगभग 15 साल लग गए.
दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों को मिलेगी राहत
यह बाईपास सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-43 को शहर के बाहर से जोड़ती है. इस रास्ते से झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों के वाहन भी गुजरते हैं. भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण गुमला शहर में अक्सर जाम लग जाता है. कई बार इस जाम की वजह से सड़क हादसे भी हुए हैं. ऐसे में बाईपास चालू होने के बाद भारी वाहनों को शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
लोगों ने जताई खुशी, लेकिन काम की रफ्तार पर उठाए सवाल
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार साहू का कहना है कि यह सड़क गुमला के विकास के लिए बेहद जरूरी थी. लेकिन सरकारी उदासीनता और निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा.
वहीं, स्थानीय युवक अमित कुमार का मानना है कि बाईपास शुरू होने से शहर को जाम से राहत मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आ सकती है. उनका कहना है कि अब तक जाम और उससे जुड़ी दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है.
जल्द चालू होगी सड़क
राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालक अभियंता ने फोन पर बातचीत में बताया कि सड़क का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. जल्द ही इसे आम लोगों के आवागमन के लिए चालू कर दिया जाएगा. फिलहाल, सड़क का काम पूरा होने से गुमला के लोगों में खुशी है. लोगों का कहना है कि देर से ही सही, लेकिन अब इस बाईपास के शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
रिपोर्ट- सुशील कुमार