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Jharkhand

गोड्डा का बस स्टैंड बना नशेड़ियों का अड्डा! पुलिस थाना 50 मीटर दूर फिर भी सुरक्षा भगवान भरोसे

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

गोड्डा(GODDA): गोड्डा से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, शहर का एकमात्र प्राइवेट बस स्टैंड, जो नगर थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है, अब असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है. रात होते ही यहाँ सन्नाटा पसर जाता है और अंधेरे का फायदा उठाकर आपराधिक घटनाएं आम हो गई हैं. ताजा मामला रविवार देर रात का है जब एक बाहरी यात्री के साथ मारपीट और छिनतई की घटना हुई.

देर रात हुआ हादसा

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले नूर हसन देर शाम ट्रेन से भागलपुर होते हुए बस से गोड्डा पहुंचे थे. उन्हें पाकुड़ में अपने ससुराल जाना था, लेकिन रात अधिक हो जाने के कारण पाकुड़ के लिए कोई बस नहीं मिली, मजबूरी में वह बस स्टैंड के यात्री शेड में ही सो गए.

पीड़ित नूर हसन ने बताया कि रात करीब 1 से 2 बजे के बीच कुछ अज्ञात लोग आए और सोते हुए उनके जेब से पैसे और उनका बैग लेकर जाने लगे. जब उन्होंने विरोध किया तो अपराधियों ने लोहे के रॉड से उन पर हमला कर दिया. इस हमले में उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया है और शरीर में कई जगह चोटें आई हैं.

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

यह घटना गोड्डा की कानून व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है, सवाल यह है कि जब नगर थाना इतने करीब है, तो बस स्टैंड पर रात में पुलिस की गश्ती क्यों नहीं होती? अगर कोई महिला यात्री रात में यहाँ फंस जाए तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

इस संबंध में बस स्टैंड के स्थानीय दुकानदारों ने भी अपना आक्रोश जताया है, दुकानदारों का कहना है कि रात होते ही बस स्टैंड असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है. यहाँ नशे की हालत में लोग घूमते रहते हैं. लगातार गाड़ियों से डीजल चोरी, बैटरी चोरी और सामानों की चोरी होती रहती है. कई बार दुकानों के ताले तोड़कर भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं.

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतने बड़े बस स्टैंड पर न तो कोई नाइट गार्ड तैनात है और न ही पुलिस की कोई गश्ती वाहन रात में यहाँ आती है, यात्री शेड में न तो पर्याप्त रोशनी है और न ही सीसीटीवी कैमरे.

 

रिपोर्ट- अजित कुमार