Jharkhand

मानवता शर्मसार! लावारिस शव के साथ पुलिस कर रही थी अमानवीय व्यवहार, फिर जो हुआ.....

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

गिरिडीह (GIRIDIH): जमुआ थाना क्षेत्र के कवईटांड गांव में मिले एक अज्ञात शव को लेकर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है. शव के पोस्टमार्टम के बाद उसे जेसीबी मशीन की मदद से दफनाने की कथित तैयारी किए जाने पर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस को शव के साथ वापस लौटना पड़ा. जानकारी के अनुसार, कवईटांड गांव में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था. शव की स्थिति काफी खराब होने के कारण उसका पोस्टमार्टम धनबाद में कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव को जमुआ थाना लाया गया, जहां से उसके अंतिम निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई. 

आरोप है कि थाना प्रभारी पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ पाराखारो पहाड़ी क्षेत्र के पास शव को दफनाने पहुंचे थे. जैसे ही इसकी सूचना ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. ग्रामीणों का कहना था कि किसी अज्ञात शव के मामले में उसकी पहचान सुनिश्चित करने और परिजनों तक सूचना पहुंचाने के लिए प्रशासन को पर्याप्त समय देना चाहिए. 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शव के निस्तारण में जल्दबाजी दिखाई गई और मानवीय संवेदनाओं का ध्यान नहीं रखा गया. उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की पहचान भले न हो, लेकिन उसकी अंतिम विदाई सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए. जेसीबी मशीन के जरिए शव को दफनाने की तैयारी ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है. घटना के बाद इलाके में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है. ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए. 

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि वरीय अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और शव के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है.