गिरिडीह(GIRIDIH): जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला गांव निवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो का पार्थिव शरीर करीब एक महीने बाद मंगलवार को दुबई से उनके पैतृक गांव पहुंचेगा. परिजन और ग्रामीण अंतिम दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, लालचंद महतो का शव मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचेगा. वहां से एंबुलेंस के माध्यम से शव को तिरला गांव लाया जाएगा, जहां परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. लंबे इंतजार के बाद शव के गांव पहुंचने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.
बताया गया कि लालचंद महतो जनवरी 2026 में रोजगार की तलाश में दुबई गए थे, जहां उन्हें एक निजी कंपनी में काम मिला था. हालांकि, करीब दो महीने बाद उनकी नौकरी चली गई. इसी दौरान उनका पासपोर्ट और वीजा भी गुम हो गया, जिसके कारण वे भारत वापस नहीं लौट सके. 5 जुलाई 2026 को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. इलाज के दौरान दुबई में ही उनकी मौत हो गई. परिवार आर्थिक तंगी के कारण शव को भारत लाने में असमर्थ था, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही.
प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली ने बताया कि लगातार प्रयास, कानूनी औपचारिकताओं और संबंधित विभागों के सहयोग से लालचंद महतो का शव भारत लाया जा सका है. उन्होंने बताया कि लालचंद का परिवार बेहद गरीब है और उनके पिता वर्ष 2013 से मुंबई से लापता हैं. सिकंदर अली ने झारखंड सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि परिवार इस कठिन समय से उबर सके.
