गढ़वा (GARHWA): गढ़वा जिले में विश्व आदिवासी दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. इस मौके पर जिले में कई कार्यक्रम हुए. अधिकारियों ने भगवान बिरसा मुंडा, महात्मा गांधी और वीर शहीद नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमाओं पर फूल चढ़ाकर उन्हें याद किया. टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम और रक्तदान शिविर भी लगाया गया. कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा की खास झलक देखने को मिली.
कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा पार्क से हुई. यहां डीसी पीएन मिश्रा और एसपी आशुतोष शेखर समेत कई अधिकारियों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए. इसके बाद समाहरणालय परिसर में महात्मा गांधी और टाउन हॉल परिसर में नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया.
पुलिस के जवानों ने किया रक्तदान
टाउन हॉल पहुंचने पर अधिकारियों और मेहमानों का आदिवासी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया. इसके बाद रक्तदान शिविर की शुरुआत हुई. इसमें पुलिस के जवानों के साथ प्रशासन के कई कर्मचारियों ने अपनी इच्छा से रक्तदान किया.
मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर की गई. इस दौरान मेहमानों को पगड़ी और गमछा पहनाकर सम्मानित किया गया. इसके बाद आदिवासी संस्कृति पर आधारित गीत और नृत्य पेश किए गए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
आदिवासी परिवारों को मिला योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया. आदिवासी परिवारों के बीच वन पट्टा बांटा गया और उन्हें दूसरी सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया.
डीसी पीएन मिश्रा और एसपी आशुतोष शेखर ने लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा देश की पहचान का अहम हिस्सा है. भगवान बिरसा मुंडा और नीलांबर-पीतांबर जैसे वीरों ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया. उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार