गढ़वा(GARHWA): गढ़वा जिले में एक आदिवासी व्यक्ति की मौत के बाद झारखंड ग्रामीण बैंक पर गंभीर आरोप लगे हैं. मृतक का नाम रतन लकड़ा था. परिजनों का कहना है कि बैंक की लापरवाही की वजह से समय पर खाते से पैसे नहीं मिल पाए, जिसके कारण उनका इलाज नहीं हो सका और उनकी मौत हो गई. इस घटना से नाराज परिजन और ग्रामीण शव लेकर बैंक पहुंचे और धरना देकर कार्रवाई की मांग करने लगे.
परिजनों के मुताबिक रतन लकड़ा के खाते में सरकारी पेंशन के पैसे आते थे और उसी पैसे से उनका इलाज कराया जाना था. लेकिन बैंक में ई-केवाईसी पूरी नहीं होने की बात कहकर उन्हें कई महीनों तक चक्कर लगवाया गया. परिवार का आरोप है कि बाद में गंभीर हालत में रतन लकड़ा को बैंक ले जाकर ई-केवाईसी भी करा दी गई, लेकिन इसके बाद भी पैसे नहीं मिले. उनका कहना है कि अगर समय पर खाते से राशि मिल जाती तो इलाज हो सकता था और शायद उनकी जान बच जाती. इसी नाराजगी में परिवार और ग्रामीण शव लेकर बैंक पहुंचे और बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
वहीं बैंक की ओर से इन आरोपों को गलत बताया गया है. बैंक अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी. इसके बाद किसी भी परिजन ने पैसे निकालने के लिए बैंक में संपर्क नहीं किया, इसलिए खाते से राशि नहीं निकाली जा सकी. फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं. अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि रतन लकड़ा की मौत के पीछे लापरवाही थी या नहीं.
रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार
