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Jharkhand

गढ़वा के इस स्कूल के मिड-डे मील में हो रहा था खराब तेल का इस्तेमाल, भनक लगते ही बीडीओ ने कसा शिकंजा

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

गढ़वा(GARHWA):केंद्र सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को दोपहर का भोजन यानी मिड-डे मील दिया जाता है. इसमें सरकार यह सुनिश्चित करती है कि बच्चों के भोजन में प्रोटीन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा हो तथा खाने की शुद्धता और स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जाए.लेकिन इसके बावजूद समय-समय पर देश के अलग-अलग हिस्सों से मिड-डे मील में गड़बड़ी की खबरें सामने आती रहती है.ऐसा ही एक मामला झारखंड के गढ़वा जिले से सामने आया है, जहां बच्चों के मिड-डे मील में खराब तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था.

पढ़िए कहां का है पूरा मामला

पुरा मामला गढ़वा के बरडीहा प्रखंड क्षेत्र के लेभरी गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है.जहां बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि मध्यान्ह भोजनयानी MDM में मिलीभगत कर मिलावटी खाद्य तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था.इसकी गुप्त सूचना बरडीहा के प्रखंड के बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह को मिली.सूचना मिलते ही बीडीओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा के एसीएमओ से संपर्क किया.इसके बाद फूड इंस्पेक्टर अनिरुद्ध रॉय को तत्काल बरडीहा बुलाया गया. बीडीओ और फूड इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने बिना देर किए उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लेभरी में औचक छापेमारी की.

 भनक लगते ही बीडीओ ने कसा शिकंजा

प्रशासनिक टीम के विद्यालय पहुंचते ही स्कूल प्रबंधन और संबंधित कर्मियों में हड़कंप मच गया. इस दौरान कथित तौर पर मिलावटी तेल को छिपाने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारियों की सतर्कता के कारण टीम ने संदिग्ध खाद्य तेल को जब्त कर लिया. साथ ही नियमानुसार उसका सैंपल लेकर सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है.मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों के भोजन और उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

विद्यालयों की संयोजिकाओं और एमडीएम प्रभारियों को चेतावनी

उन्होंने पूरे प्रखंड के विद्यालयों की संयोजिकाओं और एमडीएम प्रभारियों को भी चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्कूल में बच्चों के भोजन में मिलावटी खाद्य तेल, घटिया मसाले या खराब गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग पाया गया, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.बीडीओ ने स्पष्ट किया कि प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और भविष्य में भी इस तरह की औचक छापेमारी लगातार जारी रहेगी.

रिपोर्ट-धर्मेंद्र कुमार