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Jharkhand SIR: गढ़वा में ‘ईरानी मूल’ के परिवारों को नोटिस, वोटर लिस्ट में नाम पर जांच शुरू

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान एक मामला चर्चा में आ गया है. गढ़वा नगर परिषद के वार्ड नंबर 3 में रहने वाले कुछ परिवारों को ईरानी मूल का बताया जा रहा है. इन परिवारों के कई सदस्यों के नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज हैं. SIR के दौरान उन्हें नोटिस जारी होने के बाद अब उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से गढ़वा में रह रहे हैं. उनके पास वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र समेत कई सरकारी दस्तावेज भी मौजूद हैं. हालांकि परिवार की नागरिकता और मतदाता सूची में नाम की पात्रता को लेकर अंतिम फैसला प्रशासनिक जांच के बाद होगा.

1921 से गढ़वा में रहने का दावा

वार्ड नंबर 3 के सोनपुरवा इलाके में रेलवे लाइन के पार रहने वाले परिवार के सदस्यों का दावा है कि उनके पूर्वज करीब 1921 में यहां आए थे. इसके बाद परिवार यहीं बस गया और समय के साथ सदस्यों की संख्या बढ़ती गई.

परिवार के वरिष्ठ सदस्य जलाल अली और हामिद अली के मुताबिक उनके परिवार के 21 सदस्यों के नाम 2008 से मतदाता सूची में दर्ज हैं. परिवार का दावा है कि उनके पास आधार, पैन, राशन कार्ड, वोटर आईडी, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र हैं. इसके अलावा 1992 का जमीन से जुड़ा केवाला होने की बात भी कही गई है.

परिवार का कहना है कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता रहा है. शहरी आवास योजना के तहत दो आवास मिलने के साथ घरों में वैध बिजली कनेक्शन होने का भी दावा किया गया है.

हालांकि परिवार के सदस्यों का कहना है कि उनके पास अलग से भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है. SIR के तहत नोटिस मिलने के बाद अब वे अपने सभी उपलब्ध दस्तावेज अधिकारियों के सामने पेश करने की तैयारी कर रहे हैं.

मामले पर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी

मामला सामने आने के बाद राजनीति भी तेज हो गई है. जेएमएम के मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे ने इसे गंभीर मामला बताते हुए चुनाव आयोग से संज्ञान लेने और पूरी जांच कराने की मांग की है.

गढ़वा से भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि भाजपा पहले से इस तरह के मामलों को लेकर सवाल उठाती रही है. वहीं वार्ड पार्षद हीरा लाल गौड़ का कहना है कि यह परिवार उनके जन्म से पहले से इस इलाके में रह रहा है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी.

प्रशासन बोला, जांच के बाद होगा फैसला

गढ़वा के जिला निर्वाची पदाधिकारी सह उपायुक्त पीएन मिश्रा के मुताबिक मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया चल रही है.

इसके लिए मतदान केंद्रों की जिम्मेदारी संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को दी गई है. अधिकारी मौके पर पहुंचकर दावों, आपत्तियों और दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ऐसे में फिलहाल इन परिवारों की नागरिकता को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगा कि संबंधित सदस्यों के नाम मतदाता सूची में बने रहेंगे या उनमें किसी तरह का बदलाव किया जाएगा.

रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार