Jharkhand

घूस लेते पकड़ी गईं गढ़वा की बीएलओ, बर्खास्तगी के बाद अब बहाली के लिए धरने पर बैठीं

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
घूस लेते पकड़ी गईं गढ़वा की बीएलओ, बर्खास्तगी के बाद अब बहाली के लिए धरने पर बैठीं

गढ़वा(GARHWA):एक कहावत आपने जरूर सुनी होगी. एक तो चोरी, ऊपर से सीना जोरी. दरअसल, इन दिनों झारखंड में एसआईआर फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है, जहां घर-घर जाकर बीएलओ फॉर्म दे रहे है और उसे भरने की पूरी प्रक्रिया भी बता रहे है. इसी बीच गढ़वा से एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमे एक बीएलओ लोगों से फॉर्म भरने के नाम पर 50 से 100 रुपये तक की घूस मांगते हुए दिखाई दे रही थी. वीडियो वायरल होने के बाद जांच कराई गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई.इसके बाद डीसी ने संबंधित महिला बीएलओ को बर्खास्त कर दिया. वहीं, अब बर्खास्त महिला बीएलओ धरने पर बैठ गई हैं और नौकरी में वापस लेने की मांग कर रही है.

अब बहाली की जिद, गढ़वा में बीएलओ का धरना

झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया को पूर्ण कराने के लिए सेविकाओं को बीएलओ के रूप में नियुक्त किया गया है.इस प्रक्रिया के तहत कई जगहों से शिकायतें मिली थी कि एसआईआर फॉर्म देने एवं भरवाने के नाम पर 50 से 100 रुपये तक की उगाही की जा रही है. इसी क्रम में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 383 पर तैनात बीएलओ जमीला बीबी एवं भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 406 पर तैनात बीएलओ कुसुम देवी के दो वीडियो वायरल हुए थे.एक वीडियो में पैसे की मांग की जा रही थी, जबकि दूसरे वीडियो में पैसे लेते हुए दिखाया गया था.इसके बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) के निर्देश पर दोनों वीडियो की जांच कराई गई. जांच में वीडियो सही पाए गए, जिसके बाद दोनों बीएलओ को बर्खास्त कर दिया गया.

यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो एसआईआर की प्रक्रिया बाधित की जाएगी

आज जिला समाहरणालय के समक्ष घूस के आरोप में सेवा से बर्खास्त दोनों सेविकाओं ने अपने संगठन झारखंड प्रदेश आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन के बैनर तले एक दिवसीय धरना दिया और दोनों को पुनः बहाल करने की मांग की. संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो एसआईआर की प्रक्रिया बाधित की जाएगी और हड़ताल पर जाया जाएगा.संघ की अध्यक्ष ने कहा कि दोनों सेविकाओं को फिर से कार्य पर वापस लिया जाए, अन्यथा हम एसआईआर के कार्य में बाधा पहुंचाएंगे. वहीं, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बाल मुकुंद सिन्हा ने कहा कि हम प्रशासन को अल्टीमेटम देते हैं कि यदि 29 जुलाई तक दोनों को वापस सेवा में नहीं लिया गया तो हम कोई भी धरना-प्रदर्शन नहीं रोकेंगे. इसके बाद 1 अगस्त से कार्य ठप करते हुए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे और इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा.

रिपोर्ट-धर्मेंद्र कुमार