गढ़वा (GARHWA): झारखंड में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. गढ़वा की कृषि पाठशाला अब आधुनिक खेती का मॉडल बन चुकी है. यहां 84 टन तरबूज का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, सात गांवों के किसान प्रशिक्षण लेकर नई तकनीक सीख रहे हैं और जल्द ही 21 गांवों को कृषि विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस परियोजना की समीक्षा कर इसकी सराहना की.
दरअसल, रांची में आयोजित कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड स्थित बनसानी (कछरवा) समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषि पाठशाला की गतिविधियों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. प्रदीप कुमार सैनी से खेती, नर्सरी, बागवानी और किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की. कृषि पाठशाला में हो रहे कार्यों और आधुनिक खेती के प्रयासों की उन्होंने सराहना की.
प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. प्रदीप कुमार सैनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि 25 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है. यहां शिमला मिर्च, गोभी, बैंगन, लौकी और भिंडी की नर्सरी तैयार की जा रही है. इस वर्ष कृषि पाठशाला में 84 टन तरबूज का उत्पादन हुआ, जिसे कोलकाता समेत अन्य बाजारों में भेजा गया. इसके अलावा लगभग साढ़े सात एकड़ क्षेत्र में आम, नींबू, संतरा, कटहल, अमरूद और आंवला जैसे फलदार पौधों का भी सफलतापूर्वक उत्पादन किया जा रहा है. यहां किसानों को आधुनिक खेती, बागवानी और मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके. डॉ. सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बेहतर कार्यों के लिए टीम का उत्साहवर्धन किया और किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की.
इस कृषि पाठशाला से आसपास के सात गांवों के किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं. किसानों को प्रशिक्षण के साथ-साथ सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है. किसान यहां आधुनिक खेती की तकनीक सीखने के साथ रोजगार भी प्राप्त कर रहे हैं. गढ़वा के उपायुक्त पी.एन. मिश्रा ने बताया कि जिले में तीन कृषि पाठशालाएं संचालित हैं और इनका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इन योजनाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं और गढ़वा में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं. कृषि विभाग का लक्ष्य आने वाले समय में 21 गांवों को कृषि विलेज के रूप में विकसित कर अधिक से अधिक किसानों को इस पहल से जोड़ना है.
रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार
