Jharkhand

गढ़वा: एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत, दो अन्य बीमार, मेडिकल टीम ने गांव में शुरू किया इलाज

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र के पाचाडुमर गांव के आदिवासी बहुल धंगरडीहा टोला में एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से सनसनी फैल गई है. बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों को पिछले दो दिनों से तेज बुखार था. मृतकों की पहचान बुद्धिनारायण सिंह चेरो के 7 वर्षीय बेटे गोलू कुमार और 10 वर्षीय बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है. वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्य, बुद्धिनारायण सिंह चेरो और उनके 12 वर्षीय बेटे सुशील कुमार की तबीयत भी खराब बताई जा रही है. एक ही परिवार में दो बच्चों की मौत और अन्य सदस्यों के बीमार होने से पूरे गांव में चिंता का माहौल है. परिजनों के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों का समय पर समुचित इलाज नहीं कराया जा सका.

बताया गया कि दोनों बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए केतार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे. हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया. घटना के बाद रविवार को स्वास्थ्य विभाग की विशेष मेडिकल टीम गांव पहुंची और प्रभावित परिवार के साथ-साथ गांव में बीमार लोगों की जांच शुरू की. टीम की ओर से घर-घर जाकर स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और जरूरत के अनुसार इलाज एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. घटना की सूचना मिलने पर केतार थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और बीमार बुद्धिनारायण सिंह तथा उनके बेटे सुशील कुमार को तत्काल इलाज कराने की सलाह दी.

घटना के बाद गांव में बच्चों की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, दोनों बच्चों की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है. शुरुआती तौर पर तेज बुखार की जानकारी सामने आई है, लेकिन मौत का सटीक कारण मेडिकल जांच और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. एक ही परिवार के अन्य सदस्यों के बीमार होने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है. स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अन्य संभावित मरीजों की भी जांच की जा रही है. वहीं, पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटाई है. आर्थिक तंगी के कारण समय पर इलाज नहीं मिल पाने की बात सामने आने के बाद परिवार की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे बच्चों की मौत के कारणों की स्थिति साफ हो सकेगी.

रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार