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Jharkhand

गढ़वा: कॉलेज की बदहाली पर छात्रों का फूटा गुस्सा, नामधारी महाविद्यालय में तालाबंदी, छठ तक समाधान निकालने का मिला अल्टीमेटम

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा स्थित नामधारी महाविद्यालय की बदहाल व्यवस्था और कॉलेज प्रशासन की कथित उदासीनता के खिलाफ मंगलवार को छात्रों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला. झारखंड छात्र मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. छात्र आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. उनकी प्रमुख मांगों में शैक्षणिक सत्र नियमित करना, बंद पड़े पीजी पाठ्यक्रम को दोबारा शुरू करना, परीक्षा और रिजल्ट का निश्चित कैलेंडर जारी करना तथा कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं बहाल करना शामिल था.

दरअसल, नामधारी महाविद्यालय में लंबे समय से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है. छात्रों का आरोप है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं की. आंदोलन के दौरान पिछले 17 वर्षों से संचालित बीएससी, आईटी और बीबीए जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए. छात्रों ने आईटी पाठ्यक्रम बंद किए जाने और कॉलेज में स्टडी सेंटर बनाए जाने से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की.

इसके अलावा कॉलेज भवन की जर्जर स्थिति, पेयजल, शौचालय और खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. छात्रों ने भवन की मरम्मत कराने, खेल सामग्री उपलब्ध कराने और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की. आंदोलनकारी छात्रों का कहना था कि कॉलेज में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने के लिए प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने होंगे.

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा के अंचल पदाधिकारी दल-बल के साथ महाविद्यालय पहुंचे. उन्होंने छात्र नेताओं और कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक कर आठ सूत्रीय मांगों पर चर्चा की. प्रशासन की पहल पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और लिखित समझौता पत्र तैयार किया गया. कॉलेज प्रशासन ने छठ पूजा तक सभी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया. इसके बाद छात्रों ने कॉलेज के मुख्य द्वार से तालाबंदी समाप्त कर धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया.

हालांकि, झारखंड छात्र मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर मांगों पर अमल नहीं हुआ तो छात्र दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे. आंदोलन के दौरान झारखंड छात्र मोर्चा के निवर्तमान जिला अध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने भी कॉलेज की व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मांगों को पूरा करने पर जोर दिया.

रिपोर्ट: धर्मेन्द्र कुमार