गढ़वा (GARHWA): सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक एक 19 वर्षीय युवती के लिए बेहद दर्दनाक हादसे में बदल गया. गढ़वा थाना क्षेत्र में दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक पर रील बना रही युवती ट्रेन की चपेट में आ गई. हादसा इतना गंभीर था कि उसके दोनों हाथ कट गए, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं. घायल युवती को आनन-फानन में गढ़वा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया.
घायल युवती की पहचान पूर्णिमा कुमारी के रूप में हुई है. वह गढ़वा शहर के अशोक बिहार मोहल्ले के रहने वाले धीरज सिंह की बेटी बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पूर्णिमा अपने कुछ दोस्तों के साथ गढ़वा थाना क्षेत्र के जोबरइया गांव के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंची थी. इसी दौरान वह सोशल मीडिया के लिए रील बना रही थी. रील बनाने में उसका ध्यान इतना ज्यादा था कि ट्रैक पर आ रही ट्रेन पर नजर नहीं गई. इसी बीच रांची-चोपन ट्रेन वहां पहुंच गई और युवती उसकी चपेट में आ गई.
ट्रेन की चपेट में आने के बाद पूर्णिमा गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक के पास गिर गई. हादसे में उसके दोनों हाथ कट गए. इसके अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहने लगा. हादसा होते ही मौके पर मौजूद उसके दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई. दोस्तों ने किसी तरह घायल युवती को वहां से उठाया और तत्काल गढ़वा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे.
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने पूर्णिमा का तत्काल इलाज शुरू किया. उसकी हालत गंभीर होने और अधिक रक्तस्राव को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद युवती के परिजन भी अस्पताल पहुंचे. हादसे की खबर सुनकर परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
यह हादसा एक बार फिर रेलवे ट्रैक और उसके आसपास सोशल मीडिया के लिए वीडियो या रील बनाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है. सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की वीडियो बनाने के लिए रेलवे ट्रैक जैसी खतरनाक जगह पर जाना जानलेवा साबित हो सकता है. रेलवे ट्रैक आम रास्ता नहीं है और वहां ट्रेन की आवाजाही के दौरान जरा सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है. गढ़वा की यह घटना भी इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाती है.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार
