गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड स्थित एक सरकारी विद्यालय में धार्मिक आस्था से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रमकंडा में पदस्थापित एक अरबी शिक्षक पर छात्रों से धार्मिक प्रतीक हटवाने, कथित तौर पर धार्मिक नारे लगवाने और आपत्तिजनक व्यवहार करने के आरोप लगे हैं. मामले की जानकारी मिलते ही अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं, जिला शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है.
छात्रों और अभिभावकों के अनुसार, विद्यालय में कार्यरत अरबी शिक्षक अमीदुल्ला अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने कुछ छात्र-छात्राओं के हाथ में बंधे कलावा (रक्षा सूत्र) और गले में पहने धार्मिक लॉकेट उतरवा दिए. छात्रों का यह भी आरोप है कि शिक्षक उनसे कथित तौर पर "अल्लाह हू अकबर" बोलने के लिए कहते थे और उनकी बनियान (गंजी) की जांच भी करते थे. कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों पर गाय का गोबर खाने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर मारपीट भी की गई. इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
बताया जा रहा है कि घटना के बाद जब छात्र-छात्राएं घर पहुंचे तो उन्होंने पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी. इसके बाद बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ जमकर हंगामा किया. उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से तत्काल कार्रवाई की मांग की. मामले की सूचना मिलने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक हर्ष ज्योति शुक्ला ने इसकी जानकारी जिला शिक्षा विभाग को दी.
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने तत्काल संज्ञान लिया और एडीपीओ तथा क्षेत्र शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर विद्यालय भेजी. टीम ने विद्यालय पहुंचकर छात्रों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है. जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल इस मामले में आरोपी शिक्षक का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. ऐसे में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. शिक्षा विभाग का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार
