गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र स्थित कुशमही गांव में वन अधिकार पट्टा भूमि को लेकर चल रहा विवाद रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया. वन विभाग की ओर से कराए जा रहे वनरोपण कार्य के दौरान दो गांवों के ग्रामीण आमने-सामने आ गए. पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला मारपीट तक पहुंच गया. इस घटना में दो लोग घायल हो गए, जबकि इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, कुशमही गांव में वन विभाग की ओर से वनरोपण का कार्य कराया जा रहा था. इस दौरान कुशमही गांव के कोरवा समुदाय के लोगों ने वन अधिकार पट्टा भूमि का दावा करते हुए रोपण कार्य का विरोध शुरू कर दिया. इसी बीच पड़ोसी गोबरदाहा गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग की कार्रवाई का समर्थन करने लगे. इसके बाद दोनों गांवों के लोगों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई.
मारपीट में केश्वर परहिया और बीरेंद्र कोरवा घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही मेराल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अपने वाहन से इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा. चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का इलाज जारी है. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है.घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और विवाद की वास्तविक वजह की जांच में जुटी है.
वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वनरोपण का कार्य विभागीय नियमों के तहत कराया जा रहा था. दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि पर उनका वन अधिकार है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार
