Jharkhand

गढ़वा में ‘हाईटेक लूट’ का खौफ! न पिस्टल, न चाकू... बातों में उलझाकर लाखों के जेवर उड़ा रहे लुटेरे

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

गढ़वा (GARHWA): आजकल के चोर भी हाई टेक हो गए हैं, इनदिनों न कोई पिस्टल, न चाकू और न ही मारपीट से, फिर भी देखते ही देखते लाखों रुपये के गहने और कीमती सामान लेकर यह चोर पल भर में ओझल हो जा रहे हैं. मामला है झारखंड के गढ़वा शहर का जहां लूट का एक ऐसा तरीका सामने आया है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस की भी चिंता बढ़ा दी है. आरोप है कि बदमाश लोगों को बातों में उलझाकर और कथित सम्मोहन का इस्तेमाल कर चोर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि कई वारदातें सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बावजूद अब तक आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है. पिछले कुछ समय में गढ़वा शहर में इस तरह की करीब पांच घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है. इन वारदातों में पीड़ितों को लाखों रुपये के सोने के गहनों और दूसरे सामान का नुकसान उठाना पड़ा है. एक जैसी घटनाओं ने पुलिस के सामने अपराधियों के इस नए तरीके को समझने और उनकी पहचान करने की चुनौती खड़ी कर दी है.

महिला को बातों में उलझाया, खुद उतार दिए लाखों के गहने
हाल की एक घटना में सुनीता देवी नाम की महिला मेन रोड से अपने घर लौट रही थीं. इसी दौरान एक अजनबी ने उनसे महिला डॉक्टर के बारे में बातचीत शुरू की. बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ी और महिला को कथित तौर पर इस तरह उलझाया गया कि कुछ ही देर बाद उन्होंने अपने शरीर पर पहने करीब पांच लाख रुपये के सोने के गहने उतारकर आरोपियों को दे दिए. घटना के बाद जब महिला को स्थिति का एहसास हुआ तो उनके होश उड़ गए. पीड़िता ने मामले की शिकायत सदर थाना में दर्ज कराई है.

दुकानदार से खुल्ले पैसे के बहाने की बात, फिर गायब हो गए गहने
इसी तरह व्यवसायी नंद कुमार गुप्ता की दुकान पर एक व्यक्ति मंदिर जाने की बात कहकर खुल्ले पैसे मांगने पहुंचा. बातचीत के दौरान कथित तौर पर व्यवसायी को कुछ ऐसा महसूस हुआ कि बाद में उनके हाथ से सोने के आभूषण गायब मिले. इस घटना में करीब एक लाख रुपये के नुकसान की बात सामने आई है. वहीं फरवरी में एक स्वर्ण दुकान पर पहुंचे दो युवकों ने भी कथित तौर पर स्वर्ण व्यवसायी को बातचीत में उलझाया और कुछ ही समय में करीब 30 लाख रुपये के गहने लेकर फरार हो गए. हाल के दिनों में एक कपड़ा व्यवसायी को भी इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी तरह बच निकले. एक अन्य व्यवसायी का कहना है कि आरोपी उसकी दुकान में आया और उसके सामने से करीब एक लाख रुपये ले गया, लेकिन वह उस वक्त कुछ समझ ही नहीं पाया.

CCTV में कैद हुईं कई वारदातें, फिर भी पुलिस के हाथ खाली
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने गढ़वा पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं. पीड़ितों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस जांच का भरोसा देती है, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही लूटे गए सामान की बरामदगी हो सकी है. कई घटनाओं के CCTV फुटेज सामने आने के बावजूद अपराधियों का पकड़े नहीं जाना लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. एक जैसे तरीके से वारदातों को अंजाम दिए जाने से पुलिस अब सभी मामलों के बीच कनेक्शन तलाश रही है.

गढ़वा पुलिस के मुताबिक सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है. पुलिस घटनाओं के पैटर्न को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. गढ़वा के एसडीपीओ दिल्लु लोहार ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लोगों से सावधान रहें. उन्होंने कहा कि कथित सम्मोहन के जरिए वारदात करने वाले लोगों से बातचीत करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें.

पूर्व DGP ने भी उठाए सवाल
इन घटनाओं को लेकर झारखंड के पूर्व डीजीपी और पलामू सांसद बीडी राम ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब अपराधियों ने वारदात का तरीका बदल लिया है, तो पुलिस को भी अपनी जांच और कार्रवाई का तरीका बदलना होगा. गढ़वा में सामने आ रही इन घटनाओं ने अब सिर्फ आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस की चुनौती भी बढ़ा दी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर CCTV में संदिग्धों की तस्वीरें कैद हैं, तो आखिर ये कथित ‘हाईटेक लुटेरे’ अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?

रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार