Jharkhand

गढ़वा बैंक लापरवाही पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सख्त, पेंशनधारी की मौत मामले में 24 घंटे में मांगी जांच रिपोर्ट

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
गढ़वा बैंक लापरवाही पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सख्त, पेंशनधारी की मौत मामले में 24 घंटे में मांगी जांच रिपोर्ट

गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिले में झारखंड ग्रामीण बैंक की कथित लापरवाही से एक बुजुर्ग पेंशनधारी की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन को तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गढ़वा के उपायुक्त (DC) को टैग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) और लीड बैंक मैनेजर (LDM) की टीम को संबंधित बैंक शाखा भेजकर जांच शुरू करा दी है. डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही जांच टीम गठित कर दी गई है. जांच पूरी होने के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

ई-केवाईसी के नाम पर तीन महीने तक लगवाए चक्कर
जानकारी के अनुसार, बढ़गढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले आदिवासी बुजुर्ग रतन लकड़ा लंबे समय से बीमार थे. आरोप है कि झारखंड ग्रामीण बैंक की शाखा ने पेंशन की राशि निकालने के लिए उन्हें ई-केवाईसी कराने के नाम पर करीब तीन महीने तक बार-बार बैंक के चक्कर लगवाए. काफी प्रयास और पैरवी के बाद ई-केवाईसी तो पूरी कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इलाज के लिए बैंक में जमा अपनी पेंशन की राशि नहीं दी गई. परिजनों का आरोप है कि समय पर पैसे नहीं मिलने के कारण उनका इलाज नहीं हो सका और 6 जुलाई को उनकी मौत हो गई.

बैंक के बाहर शव रखकर हुआ प्रदर्शन
रतन लकड़ा की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव को लेकर बैंक शाखा पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने बैंक कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. मामले के सामने आने और जनाक्रोश बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए जांच के आदेश दिए हैं. अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं.

रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार