Jharkhand

सावधान आगे खतरा है! गढ़वा में खतरे की घंटी बना बिरहा नदी का पुल, बैरिकेडिंग के बावजूद आवाजाही कर रहे लोग

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

गढ़वा (GARHWA):झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला गढ़वा जिले के भंडरिया-बड़गढ़ मुख्य सड़क पर बिरहा नदी पर बना पुल इलाके की जीवनरेखा माना जाता है.लेकिन अब ये खतरे की घंटी बन चुका है.पुल कभी भी धराशायी हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद लोग जान हथेली पर रखकर इसे पार करने को मजबूर है. प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग तो लगा दी है, फिर भी आवाजाही जारी है. ऐसे में किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है.

 कभी भी गिर सकता है पुल

 यह पुल न केवल भंडरिया और बड़गढ़ प्रखंड के लोगों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है, बल्कि झारखंड के लातेहार, गुमला और सिमडेगा जैसे जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को भी जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है. लेकिन अब इस पुल की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है. नदी में पुल का पाया धंस जाने के कारण बीच का स्लैब भी नीचे बैठ गया है, जिससे पुल कभी भी गिर सकता है. यदि उस समय पुल पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद रहा, तो बड़ा हादसा हो सकता है.

शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है. विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और लोहे की बैरिकेडिंग भी की गई है, लेकिन लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं. भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध होने के बावजूद कई वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए इस पुल से गुजर रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है.

पढ़िये विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार ने क्या बताया

इधर, विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. इसके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और टेंडर भी जारी कर दिया गया है. विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक बाईपास मार्ग की व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि जल्द ही नए पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

रिपोर्ट-धर्मेंद्र कुमार