☰
Jharkhand

पूर्वी सिंहभूम में हाथियों का बढ़ा आतंक, रात में खेतों की रखवाली कर रहे किसान

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

पूर्वी सिंहभूम(East Singhbhum): जिले के चाकुलिया वन में इन दिनों जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, खेतों में धान की बालियां निकलते ही हाथियों के झुंड गांवों के आसपास पहुंचने लगे हैं. इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है और किसानों की चिंता भी बढ़ गई है.

चाकुलिया के माटियाबांधी, भातकुंडा, कालियाम, बड़ामारा, जामुआ, लोधाशोली और सरडीहा इलाके में हाथियों के झुंड देखे जा रहे हैं. वहीं बहरागोड़ा प्रखंड के कुछ इलाकों में भी चार से पांच हाथियों के घूमने की सूचना है, बताया जा रहा है कि अलग-अलग इलाकों में हाथियों के झुंड 10 से 19 की संख्या में घूम रहे हैं. बीती रात बड़ामारा और माकड़ी गांव के आसपास भी करीब 17 से 19 हाथियों का झुंड देखा गया.

धान की फसल को नुकसान का डर

ग्रामीणों का कहना है कि अगर हाथियों का झुंड धान के खेतों में पहुंचा तो तैयार फसल को काफी नुकसान हो सकता है. पिछले दिनों बड़ामारा, भातकुंडा और माटियाबांधी पंचायत के कई इलाकों में हाथियों ने खेतों में लगी धान की फसल को रौंद दिया था.

पूर्वी सिंहभूम के किसानों के लिए खेती पहले से ही आसान नहीं है, कभी बारिश की कमी तो कभी ज्यादा बारिश से फसल प्रभावित होती है. अब हाथियों की आवाजाही ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है, कई ग्रामीणों का कहना है कि लगातार फसल के नुकसान के कारण कुछ लोगों ने खेती करना तक छोड़ दिया है.

रात में खेतों की रखवाली

फसल बचाने के लिए ग्रामीण अब रात में जागकर खेतों की निगरानी कर रहे हैं, हाथियों को भगाने की कोशिश में ग्रामीणों के खुद खतरे में पड़ने की आशंका भी रहती है, वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है, ऐसे में ग्रामीणों और वन विभाग दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि फसल के साथ-साथ लोगों की जान भी सुरक्षित रहे.

रिपोर्ट- अरुण बारीक