DUMKA: झारखंड की उपराजधानी दुमका में एक बार फिर चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है. शहर के प्रतिष्ठित वंदना जनरल स्टोर के प्रोपराइटर अशोक मोदी के सराय रोड स्थित पैतृक घर में अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर दी. खिड़की की ग्रिल काटकर घर में दाखिल हुए चोरों ने तीन गोदरेज तोड़कर जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया. चोरी की पूरी घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
घर में सोते रहे परिजन, चोर करते रहे खेल
बताया गया कि अशोक मोदी फिलहाल अपने छोटे बेटे के पास कोलकाता गए हुए हैं. जिस कमरे को चोरों ने निशाना बनाया, उसमें कोई नहीं था, जबकि बगल के कमरे में परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे. यानी घर में लोग मौजूद थे और इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर निकल गए.
कमरा बंद किया, फिर आराम से की चोरी
चोरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले कमरा को अंदर से बंद कर दिया. सुबह जब परिजन जागे तो कमरा बंद मिला. किसी तरह कमरे में प्रवेश करने पर वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. तीन गोदरेज टूटे पड़े थे और सामान बिखरा हुआ था.
पुलिस पहुंची, जांच शुरू… लेकिन सवाल वही
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस चोरी गए सामान और नुकसान का आकलन कर रही है. हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चोर कितनी नकदी और कितने के जेवरात ले गए हैं. पुलिस के सामने अब चोरों तक पहुंचने और वारदात का खुलासा करने की चुनौती है.
कुछ दिन पहले भी घर में हुई थी बड़ी चोरी
दुमका शहर में यह चोरी की पहली घटना नहीं है. कुछ दिन पहले शास्त्री नगर मोहल्ले में सेवानिवृत्त शिक्षक पारसनाथ उपाध्याय के घर में भी चोरी हुई थी. बाद में जरमुंडी थाना क्षेत्र में चोरी करते एक संदिग्ध को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था. उसके पास से उपाध्याय के घर से चोरी हुआ टीवी और बैंक से संबंधित कागजात बरामद हुए थे. हालांकि करीब सात लाख रुपये नकद और जेवरात का अब तक पता नहीं चल सका है.
चोरों के हौसले बुलंद, गश्ती पर बड़ा सवाल
एक के बाद एक चोरी की घटनाएं शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रात में पुलिस की नियमित गश्ती वास्तव में हो रही है? अगर गश्ती हो रही है तो फिर चोरों को घर की खिड़की की ग्रिल काटने, कमरे में घुसने, गोदरेज तोड़ने तक का समय कैसे मिल जा रहा है?
पुलिस की चौकसी या चोरों की बेखौफी?
चोरों का तरीका यह बताने के लिए काफी है कि वे बिना किसी डर के वारदात को अंजाम दे रहे हैं. घर में लोग मौजूद हों, फिर भी चोरी हो जाए तो यह सिर्फ एक घर की सुरक्षा का मामला नहीं रह जाता. यह शहर की रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़ा करता है.
दहशत में शहरवासी, कब थमेगा चोरी का सिलसिला?
लगातार चोरी की घटनाओं से शहरवासियों में चिंता बढ़ रही है. लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं. सवाल अब सिर्फ यह नहीं कि अशोक मोदी के घर चोरी करने वाले चोर कौन हैं, बल्कि यह भी है कि दुमका शहर में लगातार हो रही चोरी पर आखिर लगाम कब लगेगी?
अब पुलिस के सामने सिर्फ केस नहीं, भरोसा बचाने की चुनौती
हर चोरी के बाद पुलिस जांच और कार्रवाई की बात सामने आती है, लेकिन शहरवासियों को जरूरत सिर्फ आश्वासन की नहीं, नतीजे की है. चोर पकड़े जाएं, चोरी का सामान बरामद हो और रात में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी दिखे, तभी लोगों का भरोसा लौटेगा. फिलहाल दुमका पुलिस के सामने चुनौती साफ है, चोरों तक पहुंचना और शहरवासियों के मन से बढ़ती असुरक्षा को खत्म करना.
रिपोर्ट: पंचम झा
