दुमका (DUMKA): झारखंड की उपराजधानी दुमका में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी. इससे पहले उन्होंने परेड का निरीक्षण किया. ध्वजारोहण से पूर्व राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया.
परीक्षा में निष्पक्षता युवाओं के भविष्य से जुड़ी
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता को युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया. उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र लीक, कदाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता. ऐसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के मनोबल और भविष्य को प्रभावित करती हैं.
मेहनत और प्रतिभा को मिले उचित अवसर
राज्यपाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें मेहनत और प्रतिभा के आधार पर युवाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले. परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.
जनता का विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी
राज्यपाल ने लोकतंत्र में जनता के विश्वास को सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाना सुशासन की मूल पहचान है.
तकनीक से सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता
उन्होंने कहा कि तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के बेहतर इस्तेमाल से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है. डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान हो रही है और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ रही है.
भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई का संदेश
राज्यपाल ने सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही. उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के प्रति किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जानी चाहिए तथा जवाबदेही तय करते हुए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है.
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारी सम्मानित
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया. सम्मान समारोह के माध्यम से बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मियों का उत्साहवर्धन किया गया.
परीक्षा से लेकर सुशासन तक पारदर्शिता पर जोर
दुमका में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राज्यपाल के संबोधन में परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, सुशासन, जवाबदेही और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश प्रमुख रहा. उन्होंने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के साथ साथ जनता के विश्वास को मजबूत करने वाली प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर दिया.
रिपोर्ट : पंचम झा
