दुमका(DUMKA): केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए खान खनिज संशोधन बिल को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है. सत्ताधारी गठबंधन की ओर से बिल का विरोध किया जा रहा है. इसी कड़ी में गुरुवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने दुमका परिसदन में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.
राज्यों के अधिकार पर सीधा प्रहार
प्रदीप यादव ने कहा कि खान खनिज संशोधन बिल राज्यों को पंगु बनाने वाला है और यह देश के संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश कर रही है.
खनिज संपदा पर सेस लगाने का अधिकार भी छीना जा रहा
उन्होंने कहा कि बिल के प्रावधान लागू होने के बाद राज्य सरकार खनिज युक्त भूमि पर अतिरिक्त सेस नहीं लगा सकेगी. प्रदीप यादव ने कहा कि इस अधिकार के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया गया है. उनके अनुसार, वर्ष 2024 में सर्वोच्च न्यायालय के नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने राज्यों के खनिज संपदा पर सेस लगाने के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया था. अब केंद्र सरकार अचानक उस अधिकार पर रोक लगाने का प्रयास कर रही है.
झारखंड को हर साल 12 से 15 हजार करोड़ का नुकसान
प्रदीप यादव ने दावा किया कि खान खनिज संशोधन बिल लागू होने के बाद झारखंड सरकार को प्रतिवर्ष औसतन 12 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों पर पड़ेगा.
मंईयां सम्मान समेत कल्याणकारी योजनाएं होंगी प्रभावित
कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा कि खनिज राजस्व में कमी का असर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा. उन्होंने विशेष रूप से मंईयां सम्मान योजना समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई. उन्होंने कहा कि केंद्र के इस कदम का असर अंततः गरीब और जरूरतमंद लोगों पर पड़ेगा.
जनता तक पहुंचाएंगे केंद्र के फैसले की सच्चाई
प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस ने बिल के विरोध में कमर कस ली है. पार्टी इस मुद्दे को गांव गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गरीबों के अधिकार और राज्यों के हितों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है.
राजद और झामुमो भी विरोध में, साझा रणनीति की तैयारी
उन्होंने कहा कि राजद और झामुमो भी खान खनिज संशोधन बिल के खिलाफ हैं. सभी दल इस मुद्दे पर रणनीति बनाने में जुटे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.
विरोध का स्वर एक है तो साथ लड़ने में एतराज नहीं
प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही विरोध प्रदर्शन की तिथि की घोषणा करेगी. उन्होंने कहा कि यदि सभी दलों का विरोध का स्वर एक जैसा है तो आगे की लड़ाई मिलकर लड़ने में कांग्रेस को कोई एतराज नहीं है. उन्होंने संकेत दिया कि बिल के खिलाफ विपक्षी दलों की साझा मुहिम भी आकार ले सकती है
रिपोर्ट: पंचम झा
