दुमका: जिला के सरैयाहाट थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित कफ सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट के अवैध कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है. गुप्त सूचना पर पुलिस ने चरकापाथर गांव से लेकर देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र तक छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है.
बिजली कैंप के पास मकान में छिपाकर रखी थी दवाएं
23 सितंबर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ जरमुंडी नवल किशोर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चरकापाथर गांव स्थित बिजली कैंप के समीप एक मकान में छापेमारी की. मकान की तलाशी के दौरान पांच कार्टून कफ सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गईं. मकान मो. इरशाद मियां का बताया गया है.
किराये के मकान से जुड़ा आरोपियों का कनेक्शन
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि उक्त मकान हंसडीहा के मुस्लिम टोला निवासी इजराइल अंसारी, यूसुफ अंसारी उर्फ युनुस अंसारी और शमशेर अंसारी उर्फ केलू को किराये पर दिया गया था. इसके बाद पुलिस ने तीनों के संभावित ठिकानों पर हंसडीहा में भी दबिश दी.
पूछताछ में खुला दूसरा ठिकाना
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के बलथर गांव में किराये के एक कमरे में कफ सिरप छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बलथर में छापेमारी की और वहां से भी पांच कार्टन कफ सिरप बरामद कर लिया.
एक कार्रवाई में हजारों प्रतिबंधित टैबलेट और बोतलें
पुलिस के मुताबिक पूरी कार्रवाई में 100 एमएल की 1710 बोतल कफ सिरप और 7200 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुई हैं. जब्त दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है. इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं की बरामदगी के बाद पुलिस अब इसके पीछे सक्रिय सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है.
कहां से आई दवाएं, कहां होनी थी खपत?
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में खपाने की तैयारी थी. दवाओं की खरीद, परिवहन, भंडारण और संभावित बिक्री से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
पहले भी दर्ज हो चुका है एनडीपीएस का मामला
पुलिस के अनुसार इस मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है. हंसडीहा थाना कांड संख्या 32/23 के तहत एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है. वहीं शमशेर अंसारी उर्फ केलू के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित पांच अन्य आपराधिक मामले दर्ज होने की बात भी पुलिस ने बताई है.
औषधि निरीक्षक से भी कराई जाएगी जांच
बरामद दवाओं की वैधता, लाइसेंस और उनके भंडारण से संबंधित दस्तावेजों की जांच के लिए औषधि निरीक्षक, दुमका को आवेदन दिया गया है. पुलिस के अनुसार बिना चिकित्सकीय परामर्श ऐसी दवाओं की बिक्री तथा बिना वैध लाइसेंस उनका भंडारण करना कानूनन अपराध है.
थाना प्रभारी के बयान पर मामला दर्ज
सरैयाहाट थाना प्रभारी के बयान पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस आरोपियों की भूमिका के साथ साथ दवाओं की आपूर्ति के स्रोत और इस कारोबार से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है.
एसडीपीओ के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस रही शामिल
पूरी कार्रवाई जरमुंडी एसडीपीओ नवल किशोर सिंह के नेतृत्व में की गई. छापेमारी दल में सरैयाहाट थाना प्रभारी अनुज कुमार, हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत यादव, एसआई विकेश मेहरा समेत सरैयाहाट थाना के पुलिस जवान शामिल थे.