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मां की ममता पर कलंक! अपने बेटे और जेठानी के लाल की भी ले ली जान,पति के अवैध संबंध के शक में दो मासूमों की हत्या का आरोप

Pancham Jha Dumka
Pancham Jha Dumka
Senior News Publisher • TheNewsPost.in

Dumka: मां और बेटे का रिश्ता दुनिया के सबसे अनमोल रिश्तों में शुमार है. मां की ममता बच्चे के लिए पूरी दुनिया होती है और उसकी मुस्कान में मां की खुशियां बसती हैं. कहावत है कि बेटा कुपुत्र हो सकता है, लेकिन मां कभी कुमाता नहीं होती. मगर दुमका में सामने आई इस घटना ने ममता, भरोसे और रिश्तों की बुनियाद को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक महिला पर अपने ही मासूम बेटे और जेठानी के बेटे की हत्या का आरोप है. पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. घटना के बाद से परिजन सदमे में हैं और हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर मासूम बच्चों का क्या कसूर था?

मेले की खुशियां मातम में बदलीं

घटना 19 अक्टूबर की है. पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के बलियाडंगाल निवासी विक्रम सिंह अपनी कार से भतीजे आयुष और दो भतीजियों के साथ गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र स्थित अपने ससुराल सलगा टांड पहुंचे थे. वहां से पत्नी राखी कुमारी और बेटे आरव को साथ लेकर सभी दुर्गापूजा का मेला घूमने दुमका पहुंचे. परिवार के साथ घूमने निकले विक्रम को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में उनकी दुनिया उजड़ने वाली है.

मंदिर में प्रणाम करने की बात कहकर निकली पत्नी

दुमका के विभिन्न स्थानों पर घूमने के बाद विक्रम नगर थाना के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप पर कार में ईंधन भरवाने रुके. इसी दौरान राखी अपने बेटे आरव और भतीजे आयुष को लेकर यह कहते हुए वहां से निकली कि मंदिर में प्रणाम कर लौट आएगी. विक्रम अपनी दोनों भतीजियों के साथ पेट्रोल पंप पर ही इंतजार करते रहे. काफी देर तक जब पत्नी और दोनों बच्चे वापस नहीं लौटे तो उन्होंने फोन किया, लेकिन राखी ने कॉल रिसीव नहीं किया. इसके बाद पति-पत्नी के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत होने लगी.

अजीब चैट से गहराया शक, थाने पहुंचे पति

पत्नी के संदेशों से विक्रम को कुछ अनहोनी की आशंका हुई. वह घबराए हुए सीधे नगर थाना पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत दी. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी. मोबाइल लोकेशन के आधार पर राखी की मौजूदगी गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र स्थित उसके मायके सलगा टांड में सामने आई. इसके बाद विक्रम और परिजन वहां पहुंचे, लेकिन राखी और दोनों बच्चों का कोई पता नहीं चला. पुलिस लगातार मामले की तहकीकात में जुटी रही.

तीन दिन बाद गांव में दिखी महिला, पुलिस ने हिरासत में लिया

22 अक्टूबर को राखी सलगा टांड गांव में घूमती नजर आई. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. शुरुआती पूछताछ में वह कथित तौर पर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करती रही. कभी अर्धविक्षिप्त होने जैसी बातें करती तो कभी अंधविश्वास से जुड़ी बातें बताती. हालांकि, पुलिस की पूछताछ आगे बढ़ने के साथ मामले की परतें खुलने लगीं.

कुएं में मिले दोनों मासूमों के शव

पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला की निशानदेही पर सलगा टांड गांव के जंगल में स्थित एक कुएं से दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए. गुरुवार की शाम कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों मासूमों के शव कुएं से बाहर निकाले. जिस मां के साथ बच्चे घर से निकले थे, उसी पर उनकी हत्या का आरोप सामने आने से परिवार और इलाके के लोग स्तब्ध रह गए. मेले में साथ बिताने की उम्मीद लेकर निकला परिवार अब दो मासूमों की मौत के गम में डूबा है.

आयुष ने कोरोना काल में खोया था पिता, अब मां का भी उजड़ गया सहारा

इस घटना में आयुष की मौत ने परिजनों के जख्म और गहरे कर दिए हैं. कोरोना काल में ही आयुष के सिर से पिता का साया उठ गया था. परिवार को उम्मीद थी कि वह बड़ा होकर जीवन में आगे बढ़ेगा, लेकिन उसकी जिंदगी भी असमय समाप्त हो गई. वहीं, आरव की मौत से उसके पिता की दुनिया उजड़ गई. दोनों बच्चों के परिजन इस सवाल से जूझ रहे हैं कि आखिर जिन बच्चों को सुरक्षा और स्नेह मिलना चाहिए था, वे ही पारिवारिक तनाव की कीमत क्यों चुकाएं.

तीन महीने की बेटी की मौत भी संदेह के घेरे में

परिजनों के मुताबिक, कुछ वर्ष पहले राखी की तीन महीने की बेटी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. मौजूदा घटना के बाद परिजन उस मामले को लेकर भी संदेह जता रहे हैं और उसकी जांच की मांग कर रहे हैं. हालांकि, उस घटना में हत्या हुई थी या नहीं, यह जांच का विषय है. परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है.

अवैध संबंध के शक को पुलिस ने बताया हत्या की वजह

समाहरणालय स्थित एसपी कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि पूछताछ के दौरान महिला ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, पति के किसी अन्य महिला के साथ कथित अवैध संबंध होने का शक राखी को था. इसी बात को लेकर वह तनाव में रहती थी और आवेश में आकर उसने घटना को अंजाम दिया. पुलिस मामले को पारिवारिक विवाद से जोड़कर देख रही है, जबकि परिजन इसे अंधविश्वास से भी जोड़कर देख रहे हैं.

रिश्तों के विवाद में मासूमों की बलि क्यों?

यह घटना सिर्फ दो बच्चों की हत्या का मामला नहीं, बल्कि उन मासूम जिंदगियों का दर्दनाक अंत है, जिनका किसी भी कथित वैवाहिक विवाद से कोई लेना-देना नहीं था. पति-पत्नी के बीच तनाव, शक या विवाद चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, उसकी सजा बच्चों को देना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता. अब पुलिस जांच से न केवल इस दोहरे हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है, बल्कि परिजन उस पुरानी संदिग्ध मौत का सच भी जानना चाहते हैं. दो घरों के आंगन सूने हो गए हैं और पीछे छोड़ गए हैं ऐसे सवाल, जिनका जवाब शायद उन मासूमों के लौट आने से ही मिलता, लेकिन अब यह संभव नहीं.