Jharkhand

देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी क्यों अब बेचेगी बोतल बंद पानी, क्या होंगें फायदे

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी क्यों अब बेचेगी बोतल बंद पानी, क्या होंगें फायदे

धनबाद(DHANBAD): देश और दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी पानी बेचेगी।  यह  सुनने में आपको अटपटा लग रहा होगा, लेकिन है 100 फीसदी सच.  कोल इंडिया अब पानी  बेचेगी  और इसकी शुरुआत होगी धनबाद से.  पहले तो बोतल बंद पानी को कोलियरी के कार्यालय में ट्रायल के रूप में प्रयोग किया जाएगा।  उसके बाद इसे बाजार में उतारा  जाएगा।  दरअसल, धनबाद के पुटकी बलिहारी क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत से बीसीसीएल पहला  पानी प्रोजेक्ट बैठा  रही है.  पानी के प्रोडक्ट का नाम "कोल् नीर"   दिया गया है.  

इसी महीने हो सकता है प्रोजेक्ट का उद्घाटन

काम बहुत तेजी से चल रहा है और इसी महीने परियोजना का उद्घाटन होना है.  उद्घाटन भी कोयला मंत्री के हाथों हो सकता है.  बीसीसीएल के सीएमडी  ने इस प्रोजेक्ट का दौरा  किया है और कार्यों में तेजी लाने को कहा है.  बताया जाता है कि कोयला खदानों से निकलने वाले पानी को अत्याधुनिक तकनीक से शुद्ध किया जाएगा।  फिर इसे पीने लायक बनाया जाएगा।  फिर इसे "कोल्  नीर"  ब्रांड के नाम से बाजार को उपलब्ध कराया जाएगा।  पहला बॉटलिंग  प्लांट बीसीसीएल में स्थापित हो रहा है.  इस प्रोजेक्ट से प्रति मिनट 20 लीटर पानी मिलेगा।  इस प्रोजेक्ट में भूमिगत खदानों के पानी को   तकनीक के जरिये  शुद्ध कर 250 मिली लीटर , 500 मिलीलीटर और 1 लीटर के बोतलों में भरा जाएगा।  पहले चरण में इसे  बीसीसीएल में ही  इस्तेमाल किया जाएगा। 

कोयला खदानों से बड़ी मात्रा में निकलता है पानी 

 दरअसल, खदानों से बड़ी मात्रा में पानी निकलता है, लेकिन इस पानी का कोई प्रयोग नहीं होता।  अगर आप कोलियरी  क्षेत्र में कभी गए होंगे, तो देखा होगा खदानों से निकलने वाला पानी यूं ही बहता रहता है.  उस पानी का प्रयोग लगभग नहीं के बराबर होता है.  कुछ साल पहले धनबाद नगर निगम ने इस पानी के प्रयोग की योजना बनाई थी.  लेकिन वह योजना धरातल पर नहीं उतरी।  कोयलांचल में पानी का संकट कोई आज की समस्या नहीं है.  आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पानी के लिए यहां खून खराबा होता है.  रोज धरना -प्रदर्शन होते हैं.  बूंद बूंद पानी के लिए लोग  तरसते हैं.  कोलियरी क्षेत्र में लगातार सप्लाई का पानी नहीं मिलने की शिकायत रहती है.  गर्मी के दिनों में तो यह बड़ी समस्या हो जाती है.  लोग बूंद बूंद पानी के लिए सब काम छोड़कर बाल्टी ,डेगची  लेकर दूर-दूर तक जाते है.  कभी-कभी तो घरों का चूल्हा तक बंद हो जाता है.  ऐसे में यह  प्रोजेक्ट अगर शुरू हुआ है, तो बड़े स्केल पर खदान से निकलने वाले पानी के प्रयोग पर भी काम होना चाहिए।