धनबाद(DHANBAD): कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा तो पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, अब उसकी पत्नी रिया सिन्हा चर्चा के केंद्र में है. वह फिलहाल चाईबासा जेल में बंद है. रांची पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. आरोप था कि रिया सिन्हा गैंगस्टर प्रिंस खान के साथ मिलकर गैंग चला रही थी. रांची पुलिस ने अक्टूबर 2025 में प्रिंस खान गैंग से जुड़े कई क्रिमिनल्स को अरेस्ट किया था. पूछताछ में अपराधियों ने बताया था कि सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान गिरोह आपस में मिल गए है. दोनों गैंग के बीच संपर्क साधने का जिम्मा रिया सिन्हा के पास है. इसके बाद पुलिस ने रिया सिन्हा के खिलाफ साक्ष्य जुटाया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
रिया सिन्हा पर पुलिस जाँच में क्या -क्या मिले थे साक्ष्य
रिया सिन्हा पर हथियार तस्करी, संगठित अपराध में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए थे. सुजीत सिन्हा जेल में बंद था, लेकिन उसका नेटवर्क चल रहा था. रंगदारी के लिए धमकी देना ,फायरिंग कराना उसके गैंग के लोग कर रहे थे. पुलिस के अनुसार सुजीत सिन्हा पर हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और गंभीर धाराओं में 60 से अधिक मुकदमे दर्ज थे. सबसे अधिक मुकदमे पलामू जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं. पलामू, लातेहार, रांची, चतरा, हजारीबाग सहित कई जिलों में यह मामले दर्ज हैं. जानकार तो यह भी बताते हैं कि मारा गया सुजीत सिन्हा गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव (अब मृत) का खास शूटर माना जाता था.
सुशील श्रीवास्तव गैंग से अलग होकर बनाया था अपना गैंग
सुशील श्रीवास्तव गैंग से अलग होकर सुजीत सिन्हा ने अलग गैंग बनाया. सुजीत सिन्हा नए युवकों को इस्तेमाल करता था. फिलहाल जेल में रहते हुए वह प्रिंस खान गैंग को सहयोग कर रहा था. यही वजह है कि रांची, धनबाद, जमशेदपुर समेत कई शहरों मे कारोबारियों को प्रिंस खान द्वारा धमकी दी जा रही थी. यह अलग बात है कि धनबाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से प्रिंस खान गैंग के बहुत लड़के जेल भेजे जा चुके हैं. धनबाद में कई का एनकाउंटर भी हुए है. गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने अपराध की दुनिया में एक ऐसा नेटवर्क खड़ा किया था, जो जेल के सलाखों के पीछे रहने के बावजूद सक्रिय रहता था. उल्लेखनीय है कि पलामू के रेड़मा मोहल्ले का रहने वाला सुजीत सिन्हा झारखंड के चर्चित गैंगस्टरों में शामिल रहा . सुजीत सिन्हा का नेटवर्क पलामू ,गढ़वा, लातेहार ,रांची, धनबाद ,च त रा सहित अन्य जिलों में काम करता था.
