धनबाद: वासेपुर ने गैंगवार के कई रूप और स्वरूप को देखा है. अभी भी गैंगवार की आहट सुनाई देती है. 29 जनवरी 2004 की वह सर्द रात, जिसे कम से कम गैंगस्टर फहीम खान का परिवार कभी भूल नहीं सकता है. भूलेगा भी कैसे, उस रात धनबाद में एक साथ कई एके -47 से गोलियां बरसी थी.
फहीम खान के घर पर बड़ा हमला हुआ था. फहीम खान भाग कर जान बचाई थी. उस समय वासेपुर में फहीम खान और साबिर आलम के बीच गैंगवार चल रहा था. इसके पहले अक्टूबर 2001 में फहीम खान की मां और मौसी की दिनदहाड़े डायमंड क्रॉसिंग के पास हत्या कर दी गई थी. इसके बाद 29 जनवरी 2004 को फहीम खान के घर पर हमला बोला गया था.
इस हमला कांड में फहीम खान के उस समय के दुश्मन साबिर आलम सहित उसके दो भाई,पिता सहित अन्य पर मुकदमा दर्ज हुआ था. साबिर आलम फरार है. उसका एक भाई वाहिद आलम की रांची के हटिया थाना क्षेत्र में 2009 में हत्या कर दी गई थी. एक भाई शाहिद आलम को कोर्ट ने दोषी करार दिया है. दूसरी ओर फिलहाल फहीम खान भी जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है .
फहीम खान के घर पर 2004 में हुए हमले को चर्चित फिल्म" गैंग्स ऑफ़ वासेपुर" पार्ट 2 में भी फिल्माया गया है.किरदार अलग अलग नाम के हैं. 29 जनवरी 2004 की रात धनबाद पुलिस के लिए भी चुनौती लेकर आई थी.
फहीम खान के घर पर हमले की सूचना पर पहुंची पुलिस भाग रहे अपराधियों की पीछा किया था. धनबाद के पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास अपराधियों और पुलिस में मुठभेड़ हो गई थी. बताते हैं कि इस मुठभेड़ में बिहार के एक शूटर की मौत हो गई थी.कई पकड़े गए थे. लंबे समय तक उस एनकाउंटर की चर्चा होती रही.
इधर ,सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने ट्रायल का सामना कर रहे फहीम खान के दुश्मन साबिर आलम के भाई शाहिद आलम, वासेपुर निवासी शहादत हुसैन और पटना के शूटर तनवीर आलम को दोषी करार दिया है. सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर की तिथि तय की गई है.
जानकारी के अनुसार फहीम खान के घर हमला मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी .सुनवाई के दौरान कई आरोपियों की मौत हो चुकी है. साबिर आलम के पिता भी इस हमले कांड में आरोपी बनाए गए थे. जानकार बताते हैं कि ट्रायल के दौरान साबिर आलम के पिता शाकिर आलम की मौत हो गई थी.
