Jharkhand

बीसीसीएल में क्या है संडे ड्यूटी का बड़ा खेल, आधे से ज्यादा कर्मी क्यों करते थे छुट्टी वाले दिन काम, अब क्यों लगी रोक?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): कोल इंडिया की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण इकाई बीसीसीएल में एक बड़ा फैसला लिया गया है. यह फैसला रविवार ड्यूटी से जुड़ा हुआ है. अब रविवार की ड्यूटी पर लगभग रोक लगा दी गई है. बहुत जरूरी होने पर ही रविवार की ड्यूटी लगाई जा सकती है. लेकिन इसके लिए वरीय अधिकारियों की अनुमति लेनी होगी. दरअसल, सूत्र बता रहे हैं कि कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां 100% से भी अधिक कर्मियों की रविवार को ड्यूटी लगाई गई है. 

यह आंकड़ा कहीं 90% है तो कहीं  60 से 70% कर्मियों का रविवार को ड्यूटी लगाई गई है और उसका भुगतान किया गया है. सूत्र बताते हैं कि 23 अगस्त से इस पर रोक लगा दी गई है. बताया जाता है कि एवरेज 22,752 कर्मियों की उपस्थिति के मुकाबले रविवार को 13,000 से अधिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. यह आंकड़ा चौंकाने वाला है. रविवार की ड्यूटी पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन आवश्यक सेवाओं के लिए इसके लिए वरीय अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ेगी.

यानी अब जो होगा वरीय अधिकारियो की जानकारी में होगा. सूत्रों के अनुसार जरूरी होने पर कर्मचारियों को ड्यूटी करने के लिए संबंधित अधिकारियों की सिफारिश के साथ पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी. एरिया स्तर पर मैनपावर की तैनाती के लिए संबंधित एरिया के महाप्रबंधक से मंजूरी लेनी होगी. बीसीसीएल मुख्यालय के विभागों में कर्मचारियों को रविवार को काम पर लगाने के लिए संबंधित निदेशक की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी. सूचना के मुताबिक बिना मंजूरी रविवार को कर्मचारियों से काम कराने पर प्रबंधन ने कार्रवाई की चेतावनी दी है.