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Jharkhand

धनबाद भाजपा में उठे "तूफान" के बाद डैमेज कंट्रोल की क्या हो रही कोशिश,क्या मान जाएंगे असंतुष्ट

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD): धनबाद भाजपा में उठे "तूफान" को शांत करने के लिए पहल कर दी गई है.  इससे कितना फायदा होगा, नाराज कितने संतुष्ट होंगें ,  यह सब भविष्य के गर्भ में है.  आपको याद होगा कि महानगर अध्यक्ष के पद पर जब श्रवण  राय की नियुक्ति हुई थी.  उसी  समय से एक नाराज खेमा तैयार हुआ था.  कहा जा रहा था कि श्रवण राय धनबाद के  भाजपा विधायक राज सिन्हा  के चॉइस है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में स्थितियां बदली हैं. श्रवण  राय अब पूरी तरह से सांसद ढुल्लू  महतो के खेमे में दिख रहे हैं.  

श्रवण  राय  के पाला बदलने से कौन खुश ,कौन नाराज 

आपको यह भी याद होगा कि हाल के महीनों  में झरिया में सांसद  के सम्मान कार्यक्रम में श्रवण  राय ने झरिया विधायक रागिनी सिंह का नाम लिए बगैर उनके खिलाफ बहुत कुछ कहा था.  इसका विरोध भी हुआ था.  श्रवण  राय का पुतला भी दहन किया गया था.  फिर जब धनबाद भाजपा के बड़े नेताओं में आपसी कलह बढ़ी  तो प्रदेश को हस्तक्षेप   करना पड़ा था. प्रदेश नेतृत्व ने धनबाद के सभी भाजपा नेताओं को रांची बुलाया और उन्हें खबरदार किया कि अब एक दूसरे के खिलाफ बयान बाजी नहीं होनी चाहिए। 

मंडल प्रभारी और मंडल प्रवासी की सूची के मतलब 

 इधर, सूचना के मुताबिक धनबाद महानगर भाजपा में मंडल स्तर पर मंडल प्रभारी और मंडल प्रवासी की सूची जारी की गई है.  इस सूची में कई ऐसे नाम है, जो उपेक्षित अथवा असंतुष्ट थे.  लेकिन अब उन्हें खुश  करने की कोशिश की गई है.  पूर्व में जिला भाजपा के अध्यक्ष रह चुके कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारी तक  को मंडल प्रवासी की जगह दी गई है.  संगठन को एकजुट करने की कोशिश की गई है.  कई ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिनकी सक्रिय सदस्यता होल्ड पर रखी गई थी.  सूत्र दावा   कर रहे हैं कि विवाद जब बढ़ा  तो जिला से 30 लोगों की सूची प्रदेश को भेजी गई थी.  उनमें से कम से कम 20 को एडजस्ट करने की कोशिश की गई है.