Jharkhand

बहुचर्चित बरवाअड्डा थाना विवाद में ट्विस्ट पर ट्विस्ट, पुलिस एसोसिएशन भी हुआ एन्वॉल्व, वायरल ऑडियो पर जयराम ने क्या कहा?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): धनबाद के बरवाअड्डा थाने में विधायक, मुखिया समर्थकों के बीच हुआ विवाद अब सिर्फ थाने की चाहरदीवारी तक सीमित नहीं रहा. पुलिस अधिकारियो का एसोसिएशन भी इसमें इन्वॉल्व हो गया है. मामले में एक के बाद एक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, वहीं, अब विवाद के केंद्र में आया कथित वायरल ऑडियो पूरे मामले को और गरमा रहा है. डुमरी विधायक जयराम महतो भी मंगलवार को धनबाद दौरे के क्रम में अपनी प्रतिक्रिया दी है. दरअसल, डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों का बरवाअड्डा थाना परिसर में बड़ा पिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थको और पुत्र प्रदीप कुमार रजक और अन्य लोगों के साथ विवाद हुआ था. थाना प्रभारी के केबिन से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते थाना परिसर तक फ़ैल गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की तक हुई. . 

घटना के बाद मुखिया पुत्र प्रदीप कुमार रजक के आवेदन पर विधायक जयराम महतो, दिलीप चौधरी, सुनील मंडल समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. वहीं, विधायक जयराम महतो की ओर से दिए गए आवेदन पर परमेश्वर उर्फ प्रेम महतो, प्रदीप रजक, तारकेश्वर रजक समेत 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और छिनतई का मामला दर्ज किया गया. अपने आवेदन में जयराम महतो ने कहा कि वह गणेश दास से जुड़ी घटना की जानकारी लेने बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे. उन्हें सूचना मिली थी कि गणेश दास के साथ मारपीट हुई है. थाना प्रभारी से बातचीत के दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए कथित तौर पर हमला करने की कोशिश की.

विवाद यहीं नहीं थमा, इसके बाद थाना प्रभारी के आवेदन पर विधायक जयराम महतो के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई. इसमें सरकारी काम में बाधा डालने, हाजत में बंद व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास  जैसे आरोप लगाए गए हैं. जिसमें 10 नामजद ओर 40 से 50 की संख्या अज्ञात लोग शामिल है. इसी मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें जयराम महतो द्वारा थाना प्रभारी के लिए कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है. इस वायरल ऑडियो की पुष्टि The Newspost नहीं करता है. मंगलवार को धनबाद पहुंचे जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत में वायरल ऑडियो को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो एडिटेड है. विधायक के मुताबिक, थाना प्रभारी से उनकी पूरी बातचीत करीब 11 मिनट की थी, लेकिन उसमें से कुछ मिनट का ही ऑडियो वायरल किया गया है. उन्होंने पूरी बातचीत सार्वजनिक करने की मांग की.

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान थाना प्रभारी की ओर से सत्ता और बड़े नेताओं का प्रभाव दिखाने की बात कही गई, जिसके बाद वह नाराज हुए. अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर विधायक ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें एक षड्यंत्र के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बरवा अड्डा थाने में हुई घटना से लेकर वायरल ऑडियो के बारे में खुलकर अपनी बातें कही. कई सवाल भी खड़े किये. उन्होंने कहा कि ऑडियो जो वायरल किया जा रहा है, वह पूरी तरह से एडिटेड है. थाना प्रभारी से उन्होंने 11 मिनट तक बात की है. केवल कुछ ही क्षण का ऑडियो क्यों वायरल किया जा रहा है? उन्होंने पूरा ऑडियो वायरल करने की मांग अपने रिस्क पर की. साथ ही कहा कि यह मामला बालू गाड़ियों से पैसा वसूली से जुड़ा हुआ है. 20 तारीख को इस मुद्दे पर थाना प्रभारी से बात हुई थी.  

संयोग ऐसा रहा कि 21 तारीख को फिर विवाद हो गया. विधायक जयराम महतो ने कहा कि वह भ्रष्ट सिस्टम का हिस्सा कभी नहीं बनेंगे, भले ही उनकी विधायकी चली जाए. उन्होंने सवाल किया कि बोकारो में पुलिस के बड़े अधिकारी को मीटिंग में अपशब्द कहे गए थे, लेकिन कहने वाला बड़ी पार्टी का आदमी था, इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. लेकिन जयराम महतो बागी की तरह बात करता है, इसलिए एक्शन लिया जा रहा है. अब बरवाअड्डा थाना विवाद में दर्ज प्राथमिकी, पुलिस के आरोप, विधायक के पलटवार और वायरल ऑडियो को लेकर मामला और पेचीदा होता जा रहा है. ऐसे में पुलिस जांच के साथ-साथ पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.