Jharkhand

44 करोड़ की लागत से बनी धनबाद की ये सड़क, एक साल के भीतर ही तोड़ने लगी दम, अब जांच की उठी मांग

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
44 करोड़ की लागत से बनी धनबाद की ये सड़क, एक साल के भीतर ही तोड़ने लगी दम, अब जांच की उठी मांग

धनबाद (DHANBAD):धनबाद के केंदुआ मुख्य मार्ग की तरह अब झरिया–सिंदरी–बलियापुर मुख्य मार्ग पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है. करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क निर्माण के महज एक साल के भीतर ही कई जगहों से उखड़ गई है. बीच सड़क में दरारें और धंसान के निशान दिखाई देने लगे है.स्थानीय लोगों का आरोप है कि BCCL की कुजामा परियोजना में लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग और खनन गतिविधियों के कारण सड़क की यह हालत हुई है. लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो यह मार्ग भी केंदुआ रोड की तरह बंद हो सकता है, जिससे हजारों लोगों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होंगी.

कई स्थानों पर धंस चुकी है सड़क

पिछले सात महीनों से केंदुआ मुख्य मार्ग भू-धंसान और गैस रिसाव के कारण बंद है.अब झरिया–सिंदरी–बलियापुर सड़क पर भी उसी तरह के हालात बनने लगे है. सड़क कई स्थानों पर धंस चुकी है, डामर उखड़ गया है और भारी वाहनों के गुजरने से खतरा लगातार बढ़ रहा है. स्थानीय लोग इस सड़क पर सफर करने से डर रहे है.स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.उनका आरोप है कि BCCL और उसकी आउटसोर्सिंग कंपनियों की अनियोजित खनन गतिविधियों तथा लगातार हो रही ब्लास्टिंग ने सड़क की नींव कमजोर कर दी है.वहीं, पथ निर्माण विभाग और BCCL के बीच मरम्मत की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है.

विधायक रागिनी सिंह ने भारी अनियमितता का लगाया आरोप

झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है.उन्होंने कहा कि 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क 44 दिन भी टिक नहीं सकी और अब इसकी स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है. वहीं, धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने भी सड़क निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी और गलत एलाइनमेंट का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.

सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

इधर, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए पथ निर्माण विभाग ने प्राक्कलन तैयार कर BCCL को भेज दिया है.BCCL से राशि मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा.झरिया–सिंदरी मुख्य मार्ग की बिगड़ती हालत ने एक बार फिर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और खनन गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच और मरम्मत का काम कब शुरू होता है. यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह सड़क भी केंदुआ रोड की तरह बंद हो सकती है और हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

रिपोर्ट-नीरज कुमार