धनबाद (DHANBAD): 14 अप्रैल 2000 को निरसा में विधायक गुरुदास चटर्जी की हत्या कर दी गई थी. यह घटना निरसा के देवली में हुई थी. विधायक धनबाद से निरसा जा रहे थे. उनकी बुलेट मोटरसाइकिल अपूर्वा घोष चला रहे थे. हमलावरों ने गुरुदास चटर्जी पर फायरिंग झोंक दी और उनकी मौत हो गई थी. उसके बाद 5 अक्टूबर 2002 को ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक के नेता सुशांत सेनगुप्ता की हत्या निरसा के गोपालगंज मोड़ पर कर दी गई थी. वह भी अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तो घात लगाए अपराधियों ने उन पर फायरिंग झोंक दी थी.
दशकों तक निरसा रहा था चर्चे में, फिर से हो रही चर्चा
उस घटना में सुशांत सेनगुप्ता सहित तीन लोग मारे गए थे. इन दो घटनाओं को लेकर निरसा दशकों तक चर्चा में रहा. इधर, फिर 16 सितंबर की शाम यूपी के कुख्यात शूटर सागर उर्फ शिबू सिंह के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद निरसा एक बार फिर चर्चा में हैं. अगर धनबाद पुलिस समय रहते शिबू सिंह को एनकाउंटर के बाद नहीं पकड़ा होता, तो निरसा या कोयलांचल में कोई बड़ी घटना हो सकती थी? हालांकि मुठभेड़ के एक दिन पहले से ही पुलिस को कुछ सूचना मिल रही थी और पुलिस उस पर काम कर रही थी. इसी दौरान शिबू सिंह के निरसा में होने की सूचना मिली और पुलिस पहुंची तो मुठभेड़ हो गया. मुठभेड़ में शिबू सिंह ने पुलिस को देखते ही फायरिंग करनी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और उसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में धनबाद के SNMMCH में भर्ती कराया गया.
शमशाद खान उठा सकता है पूरी योजना पर से पर्दा
सवाल उठता है कि हाथबाडी के शमशाद खान के घर शिबू सिंह कैसे ठहरा हुआ था? किसके कहने पर उसे निरसा में ठहराया गया था? ठहराने के पीछे क्या योजना थी? इसकी जानकारी शमशाद खान के पकड़ में आने के बाद ही चल सकती है. वह फरार बताया जाता है. पुलिस ने उसके आवास के परिसर से तीन कीमती गाड़ियां जांच के लिए थाना ले गई है. निरसा के हाथबादी में एनकाउंटर की घटना ने सबको चौंका दिया है. शिबू सिंह उत्तर प्रदेश का कुख्यात शूटर बताया जाता है और वह जमशेदपुर के होटल मालिक निहार सबलोक हत्याकांड में भी शामिल था. धनबाद के पूर्व डिप्टी मायेर नीरज सिंह हत्याकांड में भी उसका नाम आया था. पुलिस इस बात का भी पता लग रही है कि उत्तर प्रदेश का कुख्यात शूटर शिबू सिंह शमशाद खान के संपर्क में कैसे आया और उसे यहां ठहरने के पीछे क्या वजह थी?
