Jharkhand

सरयू राय के आरोप से गरमाई सियासत, बन्ना गुप्ता पर माफिया कनेक्शन का लगाया आरोप

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): जमशेदपुर पश्चिम के जदयू विधायक सरयू राय ने झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर माफियाओं से सांठ गांठ का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है. उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे और सारी बात स्पष्ट करेंगे. उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया पर उन्हें डराने धमकाने की कोशिश की जा रही है. इसका वह लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करते रहेंगे.

बता दें कि निखार सबलोक की हत्या को लेकर झारखंड का जमशेदपुर अभी जबरदस्त चर्चा में है. इस बीच सरयू राय और बन्ना गुप्ता का विवाद एक बार फिर सामने आया है.जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सोमवार को फेसबुक लाइव पर जमशेदपुर की राजनीति और अपराध जगत के कथित बदलते समीकरणों को उजागर किया और स्पष्ट किया कि इसके केंद्र में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता हैं. उन्होंने कहा कि शहर में गिरोह बढ़ गए हैं, गिरोह चलाने वाले शतरंज की गोटी चला रहे हैं और गिरोहों की लॉयल्टी लगातार शिफ्ट हो रही है. 

सरयू राय ने कहा कि कभी उनके साथ रह चुके लोगों की वर्तमान गतिविधियों से जोड़कर और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर तथा झूठ और फरेब का सहारा लेकर उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने की सुनियोजित कोशिश हो रही है. सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट चला कर और इसके माध्यम से तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वाले गिरोह का सरगना मानगो का कोई  है, जो बन्ना गुप्ता के दाहिने-बाएं घूमने वाला आदमी है. यह व्यक्ति लगातार फेक अकाउंट के माध्यम से सूचनाएं पोस्टर बना कर प्रसारित कर रहा है.

सरयू राय ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर लगाकर सवाल किया जा रहा है कि जमशेदपुर में अपराधियों को सरयू राय संरक्षण दे रहे हैं या नहीं? हां या ना में जवाब दें. उन्होंने इसे बेतुका और बिना प्रमाण का दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि आपराधिक घटनाओं में उनका नाम जोड़ा जा रहा है और उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है.

सरयू राय ने निखार सबलोक और हरेराम सिंह का नाम लेते हुए कहा कि दोनों लंबे समय पहले उनसे अलग हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव में निखार ने उनके साथ काम किया था, लेकिन बीते डेढ़ साल से वह उनके साथ नहीं था और बाद में किसी अन्य के साथ जुड़ गया. अब निखार की हत्या हो चुकी है. 

उन्होंने कहा है कि श्रीलेदर के मालिक से उनके कार्यालय में बातचीत के दौरान उन्हें एक तस्वीर दिखाई गई और पूछा गया कि क्या तस्वीर में मौजूद युवक उनके साथ काम करता था. उन्होंने तस्वीर देखकर कहा कि कयास सही है. वह युवक उनके साथ था, लेकिन अब लंबे समय से उनके साथ नहीं है. उन्होंने कहा कि निखार का नाम सोनारी में प्लॉटिंग से जुड़े मामले में भी सामने आया, जबकि सिदगोड़ा में खाली जमीन पर चहारदीवारी खड़ी किए जाने के मामले में हरेराम सिंह का नाम आया, तो इनसे मेरा जुड़ाव बता कर मेरे विरुद्ध साजिश की जा रही है. 

हरेराम सिंह करीब डेढ़ साल पहले भाजपा में शामिल हो चुके हैं और उनके विरोधियों के सोशल मीडिया पोस्ट पर उनके खिलाफ टिप्पणी भी करते रहते हैं. फिर भी हरेराम और निखार का नाम जोड़ने की साजिश मेरे विरोधियों द्वारा की जा रही है.ये दोनों डेढ़ साल पहले मुझसे अलग हो चुके हैं. निखार की तो हत्या हो गई. इनकी गतिविधियों के लिए मैं कहीं से जिम्मेदार नहीं हूं.

जमीन कब्जाने की बात पर निखार को साफ मना कर दिया था. फेसबुक लाइव में सरयू राय ने कहा कि करीब डेढ़-पौने दो साल पहले कदमा में एक आयुर्वेदिक दुकान के उद्घाटन के बाद वे कुछ लोगों के साथ राणा नामक व्यक्ति के घर गए थे. वहां चाय पीने के बाद लौटते समय उन्होंने एक बड़ा खाली प्लॉट देखा. राय के अनुसार, वह पहले ही उपायुक्त से कह चुके थे कि प्लॉट काफी बड़ा है और उस पर कोई कब्जा न कर ले, इसलिए वहां कोई सरकारी संस्थान बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उपायुक्त ने भी इस पर सहमति जताई थी. वहां मौजूद भाजपा नेता सुर रंजन राय ने कथित तौर पर कहा कि यही वह प्लॉट है, जिस पर सरकारी संस्थान खोलने की बात आपने की थी.

सरयू राय के अनुसार, उसी शाम निखार उनके घर आए और कहा कि उस प्लॉट पर उनकी नजर है तथा वहां सरकारी संस्थान खुलवाना ठीक नहीं होगा.राय के अनुसार, उन्होंने निखार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने बहुत पहले ही सरकारी संस्थान खोलने के लिए कह रखा है. इस तरह के किसी भी अवैध कार्य में भी मैं आपकी कोई मदद नहीं कर पाऊंगा.इसके बाद निखार उनसे अलग हो गए। हरेराम भी इसी तरह उनसे अलग हो गए.

सरयू राय ने कहा कि निखार की हत्या के बाद आपराधिक गिरोहों की “लॉयल्टी शिफ्ट” हो गई और लोग दूसरे ठिकानों पर चले गए. उन्होंने कहा कि निखार लगातार बन्ना गुप्ता के कार्यालय में बैठकी करते थे. इन गतिविधियों को उनके साथ जोड़ना पूरी तरह अनुचित है, क्योंकि संबंधित लोगों से उनके संबंध काफी पहले खत्म हो चुके थे.

सरयू राय ने कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा कि निखार सब लोक हत्याकांड में अशोक सिंह राघव को मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त किया है. राय ने कहा कि 15 अगस्त के बाद अशोक सिंह राघव के कुछ लोग उनके पास आए थे और जदयू में शामिल होने की इच्छा जताई थी. उन्होंने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष अथवा राष्ट्रीय अध्यक्ष से संपर्क करने को कहा था. उन्होंने कहा कि अशोक सिंह राघव से भी उन्होंने यही बात कही थी.

राय के अनुसार, राघव ने उन्हें बताया था कि उसके मोबाइल में हर कॉल रिकॉर्ड होती है और उसने उनके साथ हुई फोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुनाई थी. सरयू राय के अनुसार, राघव ने उन्हें बन्ना गुप्ता से हुई कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुनाई.उनके अनुसार, बातचीत में बन्ना गुप्ता ने राघव को बर्बाद करने की बात कही थी. विधायक ने कहा कि राघव चाहते थे कि उन पर भी पार्टी का हाथ रहे और इसी कारण वह जदयू में शामिल होना चाहते थे.

सरयू राय ने राघव के हवाले से बन्ना गुप्ता और कथित गैंग समीकरणों को लेकर भी गंभीर दावा किया. उनके अनुसार, राघव ने उन्हें बताया था कि वह (राघव) मोटी चेन पहनते थे. एक दिन बन्ना गुप्ता ने उस चेन की तारीफ की और कहा कि वह खूबसूरत है. राघव के मुताबिक, उसने उसी समय वह चेन बन्ना गुप्ता को दे दी. राय ने दावा किया कि बाद में बन्ना गुप्ता ने फोन कर राघव से कहा कि उसकी चेन उनके पास है, आकर ले जाए.

राय के अनुसार, राघव ने एक दिन बन्ना गुप्ता से कहा कि वे लोग गणेश सिंह गैंग के खिलाफ हैं, लेकिन इन दिनों आप उसी गैंग को तवज्जो दे रहे हैं और निखार भी आपके पास आते-जाते हैं.सरयू राय ने राघव के हवाले से कहा कि इसके जवाब में बन्ना गुप्ता ने कहा कि नहीं-नहीं, ये सब रणनीति के तहत कर रहा हूं. कोई लगाव नहीं है. यूज करना है, बस. सरयू राय ने इन बातचीत और रिकॉर्डिंग की जांच की मांग की.

सरयू राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता द्वारा टाटा स्टील के कर्मचारियों को कथित रूप से डांटने-फटकारने की रिकॉर्डिंग भी कुछ लोगों के पास है. उन्होंने कहा कि इस तरह की सभी रिकॉर्डिंग की जांच होनी चाहिए.

सरयू राय ने भाजपा नेता अमित शर्मा को फोन पर गाली दिए जाने का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि अमित शर्मा को कभी व्हाट्सऐप कॉल तो कभी इंटरनेट फोन के जरिए गालियां दी जा रही थीं.राय के अनुसार, अमित शर्मा उन लोगों के खिलाफ जवाब देते हैं जो सोशल मीडिया पर मेरे (सरयू राय) के खिलाफ अपशब्द लिखते हैं. उन्होंने जब गाली दिए जाने की जानकारी  दी, तो उन्हें मामला दर्ज कराने की सलाह दी और उन्होंने केस किया.राय ने कहा कि करीब चार दिन पहले उसी व्यक्ति ने फिर अमित शर्मा को गालियां दीं. इस बार अमित शर्मा ने उससे पूछा कि वह उन्हें गाली क्यों दे रहा है. सरयू राय के मुताबिक, बातचीत में उस व्यक्ति ने कहा कि जो लोग सरयू राय के खिलाफ लिखते हैं, अमित शर्मा उनके खिलाफ लिखते और लिखवाते हैं, इसलिए उन्हें गालियां दी जाती हैं.

राय ने दावा किया कि बातचीत के दौरान बन्ना गुप्ता का नाम बार-बार लिया गया. उस रिकॉर्ड में दर्जनों बार बन्ना गुप्ता का नाम लिया गया है. इससे यह साफ हो गया कि मेरे (सरयू राय) खिलाफ, मेरी छवि को धूमिल करने की जो कोशिश हो रही है, उसके केंद्र में बन्ना गुप्ता हैं. बातचीत की रिकॉर्डिंग साकची थाना में दे दी गई है.

सरयू राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता उन लोगों को धमकाते हैं, जो उनके खिलाफ लिखते हैं. उनसे कहते हैं कि तुम लोगों का भी हाल भाजपा नेता नीरज सिंह की तरह कर दिया जाएगा. राय ने आरोप लगाया कि नीरज सिंह को षड्यंत्र करके जेल में डाला गया है. यही षड़यंत्र वो अमित शर्मा के खिलाफ भी रचना चाहते हैं.सरयू राय ने कहा कि वह धमकी या दबाव से चुप होने वाले नहीं हैं. उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान में आपराधिक घटनाओं से उनका नाम जोड़ने, पुराने सहयोगियों की तस्वीरें लगाने और उनके साथ संबंधों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है.

फेसबुक लाइव में सरयू राय ने कहा कि वह शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से वह जमशेदपुर में उनके करीबी लोगों को लेकर भी बात करेंगे. सरयू राय ने दोहराया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन उन्हें डराने, धमकाने या सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा.