Jharkhand

कोयलांचल के 'धन पशुओं' की बढ़ेगी मुश्किलें, अवैध खनन के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
कोयलांचल के 'धन पशुओं' की बढ़ेगी मुश्किलें, अवैध खनन के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार

धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल  में कोयले के अवैध धंधे से "धन पशु" बने लोगों पर क्या अब चलेगा कानून का डंडा? क्या सीआईएसएफ  अब पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगी? यह सब सवाल इसलिए किये  जा रहे हैं कि  जानकार सूत्रों के अनुसार बीसीसीएल में अवैध खनन के खिलाफ कोयला मंत्रालय से अप्रूव्ड एसओपी  धनबाद पहुंच गया है.  कोयला मंत्रालय इसे बीसीसीएल को भेज दिया है.  सूत्रों के अनुसार एसओपी  में कोयला मंत्रालय ने खान और खनिज विकास और विनियमन अधिनियम के तहत अवैध खनन के खिलाफ कोयला कंपनी और सीआईएसएफ की ओर से की जाने वाली एक्शन की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी है.  एसओपी  को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.  लेकिन दावा किया जा रहा है कि इस एसओपी  में अवैध खनन के खिलाफ एक्शन की ठोस योजना है.  

एसओपी में कंपनी और सीआईएसएफ को दिया गया है पावर 

कोयला मंत्रालय ने खान और खनिज विकास और विनियमन अधिनियम में संशोधन कर एसओपी  को अवैध खनिज दस्तावेज और वाहनों की तलाशी और जब्ती  का सीधे  अधिकार दे दिया गया है.  उल्लेखनीय है कि धनबाद में कोयला चोरी और अवैध खनन केवल लोकल परेशानी नहीं है, यह मामला कोयला मंत्रालय से लेकर संसद  और राज्य की राजनीति तक पहुंच गया है.  कोयला मंत्री से लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई जन  प्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से इस पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं.  कोयला चोरी का सबसे बड़ा असर भू-धंसान  और लोगों की सुरक्षा पर दिखने लगा है.  लोयाबाद में सड़क के नीचे अवैध खनन होने से जमीन कमजोर हो रही है.  धनबाद -चंद्रपुरा  रेल लाइन के आसपास की जमीन खोखली  होने की शिकायतें सामने आ रही हैं. 

कोयला चोरी को लेकर जनप्रतिनिधि भी लड़ -भिड़ रहे है

 धनबाद के जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को लेकर एक दूसरे पर आरोप -प्रत्यारोप लगा  रहे हैं, लेकिन इसे रोकने के लिए कोई रोड मैप नहीं तैयार कर रहे हैं.  कोयलांचल  से रोज कितने ट्रक अवैध कोयला लेकर निकल रहे हैं, इसकी गिनती तो नहीं हो रही है, लेकिन सूत्र दावा कर रहे हैं कि अवैध खनन की वजह से कोयला कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है.  आउटसोर्स कंपनियां भी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष इसमें हिस्सेदारी बनी हुई है.  यह अलग बात है कि बीसीसीएल ने हाल के सालों में ड्रोन निगरानी, डिजिटल सर्विलांस , जीपीएस आधारित ट्रैकिंग के साथ  अन्य तकनीक को बढ़ावा दिया है. सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि  कंपनी स्तर पर प्रतिदिन अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़े मामलों को रिकॉर्ड किया जा रहा है.  फाइल तैयार की जा रही है, लेकिन अवैध खनन है कि -ज्यों -ज्यों  दवा की ,मर्ज बढ़ता गया, की तर्ज पर बढ़ता ही जा रहा है.  सवाल किये  जा रहे हैं कि इस संगठित अवैध कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई कब होगी??